raipur news राज्य के प्रभारी ओम माथुर (Om Prakash Mathur) 23 नवंबर को (Bharatiya Janata Party, Chhattisgarh) सभी मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारी और सभी प्रकोष्ठों के संयोजक, सहसंयोजकों की बैठक लेंगे। 24 नवंबर 2022 को सुबह से दोपहर तक वे व्यक्तिगत मुलाकात करेंगे।
रायपुर. raipur news भारतीय जनता पार्टी छत्तीगसढ़ (Bharatiya Janata Party, Chhattisgarh) की कोर कमेटी/प्रदेश पदाधिकारी/ मोर्चा अध्यक्ष / जिला प्रभारी, सहप्रभारी, जिलाध्यक्षों की बैठक रायपुर भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में शुरू हो गई है। भानु प्रतापपुर विधानसभा उप चुनाव के बीच पहली बार छत्तीसगढ़ आए राज्य के प्रभारी ओम माथुर (Om Prakash Mathur) आज भाजपा कोर ग्रुप से लेकर मोर्चा प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों की आज दिनभर मैराथन बैठक लेंगे।
चार दिवसीय दौरे पर आए ओम माथुर (Om Prakash Mathur) की उपस्थित में कुशभाऊ ठाकरे परिसर में बैठक शुरू हो चुकी है। आज की बैठक में (Bharatiya Janata Party, Chhattisgarh) कोर कमेटी, प्रदेश पदाधिकारी, प्रदेश मोर्चा अध्यक्ष, जिला प्रभारी, जिला अध्यक्ष, संभागीय प्रभारी, प्रदेश महामंत्री, सांसद विधायक शामिल हो रहे हैं। शाम को वे भाजपा नेताओं से व्यक्तिगत मुलाकात भी करेंगे। बुधवार 23 नवंबर को सभी मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारी और सभी प्रकोष्ठों के संयोजक, सहसंयोजकों की बैठक लेंगे। 24 नवंबर को सुबह से दोपहर तक वे व्यक्तिगत मुलाकात करेंगे। शाम को ललित महल में आयोजित एक शादी कार्यकम में शामिल होंगे।
बड़ी चुनौती अगला विधानसभा चुनाव
15 साल राज कर चुकी भाजपा (Bharatiya Janata Party, Chhattisgarh) वर्ष 2018 में सत्ता से बाहर हो गई थी। वर्ष 2018 में कांग्रेस ने प्रचंड बहुमत प्राप्त कर सरकार बनाई है और अब तक हुए सभी उप चुनावों में भी बड़ी जीत दर्ज की है। ऐसे में भाजपा के लिए चुनौती अब अगले साल 2023 में विधानसभा चुनाव जीतने के लिए सक्रिय है।
भाजपा के दिग्गज नेता हैं ओम माथुर
भारतीय जनता पार्टी का नेतृत्व ओम माथुर (Om Prakash Mathur) की क्षमताओं से भली प्रकार वाकिफ है। माथुर (Om Prakash Mathur) न केवल वरिष्ठ नेता हैं बल्कि अब तक पार्टी के प्रमुख पदों पर काम कर चुके हैं। भाजपा की अंदरूनी राजनीति को भी समझते हैं। ऊपर तक इनका संपर्क होने के कारण छत्तीसगढ़ (Bharatiya Janata Party, Chhattisgarh) से जुड़े फैसले लेने में उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी बल्कि व अपने मन मुताबिक ऑपरेशन कर सकते हैं। यही कारण है कि वे चार दिन संगठन के पदाधिकारियों की बैठक लेकर उनके कामकाज के बारे में जानकारी ले रहे हैं। समीक्षा पूरी होने के बाद ही वे अपने स्तर से फैसले ले सकते हैं।