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इनकी बहादुरी के आगे उल्टे पांव भागा चोर, जानिए क्या हुआ था उस रात

रायपुर की डॉ. शिखा की कहानी, उन्हीं की जुबानी

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इनकी बहादुरी के आगे उल्टे पांव भागा चोर, जानिए क्या हुआ था उस रात

ताबीर हुसैन@रायपुर. सेल्फ डिफेंस की सीख कब काम आ जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। एेसा ही वाक्या हुआ है तेलीबांधा निवासी डॉ. शिखा के साथ जब उनके घर में चोर घुस आया। शिखा बजाय डरने के उसका सामना करने को तैयार हो गई, लेकिन यह नौबत आने से पहले ही चोर भाग खड़ा हुआ।

ये है घटना
डॉ. शिखा ने बताया कि तड़के चार बजे की घटना है। मुझे लगा कि छत से कोई नीचे उतरा। जब वह बरामदे में आया तो मेरी नींद खुली। मैं उसे पहचानने की कोशिश करती रही। चूंकि मेरा भाई कई बार डराने को लेकर शरारत करता है। मुझे लगा वही है। क्योंकि अंधेरे में क्लियर दिखाई नहीं दे रहा था। मेरे पुकारने के बाद उसके रिएक्शन से समझ में आ गया कि कोई बाहरी है। मैं खुद को मानसिक तौर पर तैयार कर चुकी थी।

पंच मारने से पहले ही तेजी से भागा
चूंकि शिखा इन दिनों हर्षा साहू से कराते सीख रही है। उसने ट्रेनिंग के दौरान सुन रखा था कि सबसे पहले हमें किसी पर पंच मारने से पहले मानसिक तौर पर मजबूत होना होगा, सारा खेल कॉन्फिडेंट का है। स्लिप सेकंड में मुझे वह बात याद आई और मैं चिल्लाई खे (कराते में पंच मारने से पहले खे कहा जाता है)। इसके बाद चोर उल्टे पांव तेजी से भाग खड़ा हुआ। तब तक परिवार के लोग भी उठ चुके थे। मुझे लगता है कि यह हिम्मत मुझमें सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग लेने से आई। मैं चाहती हूं ज्यादा से ज्यादा गल्र्स इसकी ट्रेनिंग लें, क्योंकि कब और कहां इसकी जरूरत पड़ जाए कहा नहीं जा सकता।

ट्रेनिंग सेंटर खोले जाएं

कराते ट्रेनर हर्षा साहू कहती हैं कि मुझे खुशी है कि मेरे प्रशिक्षण के बाद लड़कियों में आत्मरक्षा के गुण विकसित हो रहे हैं। मेरी कोशिश है कि राज्य में वृहद स्तर पर कराते ट्रेनिंग सेंटर खोले जाएं जिसमें रायपुर और आसपास के गांवों की लड़कियों को मुफ्त प्रशिक्षण मिल सके।