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सब्जियों की दलाली ! 40-50 की कीमत को 100 रुपए से ज्यादा में बेच रहे… कोई कार्रवाई नहीं

Chhattisgarh News : राजधानी के भाठागांव, चंदनडीह की बाडि़यों से ताजी और स्थानीय किसानों की सब्जियां बाजार में आने से सस्ते दर पर लोगों को उपलब्ध हो जाती थी, लेकिन इन स्थानों की कृषि योग्य भूमि पर भू-माफियाओं की नजर पड़ गई है।

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Raipur News : राजधानी के भाठागांव, चंदनडीह की बाडि़यों से ताजी और स्थानीय किसानों की सब्जियां बाजार में आने से सस्ते दर पर लोगों को उपलब्ध हो जाती थी, लेकिन इन स्थानों की कृषि योग्य भूमि पर भू-माफियाओं की नजर पड़ गई है। यहां पर अब अधिकतर किसान सब्जियों की खेती बंद कर धान उगा रहे हैं। वहीं कई किसानों ने खेत बेच दिए हैं, जो अब खाली पड़े हैं। वहीं, दलालों ने किसानों से जमीन लेकर उन पर अवैध प्लॉग शुरू कर दी है, जिससे खेती बंद हो गई। इसी का नतीजा है कि स्थानीय बाजार में सब्जियां महंगी होती जा रही है।

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मूली 5 रुपए का घर तक आने में 40 रुपए

भाठागांव के किसान संतोष सोनकर ने बताया कि टमाटर, गोभी, पालक, बरबट्टी सहित कई तरह की सब्जी उगाते हैं। हम लोग मंडी में जाकर टमाटर बेचते हैं, तो किराया करके 250-270 रुपए कैरैट हमें मिलता है। वर्तमान में मूली 5 रुपए से 8 रुपए प्रति किलो बेचे हैं। चिल्हर वाले उसी मूली को 30 से लेकर 40 रुपए प्रति किलो बेच रहे हैं। सोनकर ने बताया कि इस क्षेत्र में एक तो कृषि जमीन में प्लाॅटिंग हो रही है, वहीं बचे हुए खेतों में बड़े व्यापारी किराया में लेकर सब्जी उत्पादन कर दूसरे राज्य में भेज रहे हैं, जिसके कारण यहां पर सब्जियों की कीमत में लगातार वृद्धि हो रही है।

सब्जी की जगह धान की खेती

भाठागांव किसान पंचू सोनकर ने बताया पहले धान की खरीफ फसल ही लगाते थे, अब तो रबी फसल में धान की खेती कर रहे हैं, जिसके कारण अधिकांश खेतों में सब्जी का उत्पादन बंद हो गया है। अभी वर्तमान में मैंने गोभी बोया है, इसकी फसल तैयार होने में 100 दिन लगेंगे। उस समय गोभी को हम थोक व्यापारी को 40-50 रुपए प्रति किलो की दर से बेचेंगे। चिल्हर व्यापारी 60 से 80 रुपए प्रति किलो कीमत में लोगों को देते हैं। वहीं चंदनडीह, अमलेश्वर व कुम्हारी में खेती की जमीनों को लोग खरीदकर दीवार से घेरा बनाकर छोड़ दिए हैं, जिससे जमीनें अब बंजर हो गई हैं।

बारिश से भाजी की फसल खराब

चिल्हर सब्जी व्यापारियों ने बताया कि दीपावली में पालक, मेथी, लाल भाजी व टमाटर की कीमत कम थी, लेकिन अभी बारिश और कोहरे के कारण भाजी व टमाटर की फसल खराब होने के कारण बाजार में कम आ रही है, जिसके कारण कीमत बढ़ी हुई है।

प्रदेश की सब्जी की मांग दूसरे राज्यों में

थोक व्यापारी संघ के अध्यक्ष श्रीनिवास रेड्डी ने बताया कि इस मौसम में जहां लोकल सब्जी 60 प्रतिशत आते थे, अब वहां सिर्फ 40 प्रतिशत आ रहे हैं। इसका मुख्य कारण हमारे राज्य के सब्जी की मांग दूसरे राज्यों में हो रही है। इस मौसम में भाजी 120 रुपए, तिवरा भाजी 80 रुपए, प्याज भाजी भी 60 से 80 रुपए किलो है। मूली कुछ समय पहले तक 10 से 20 रुपए किलो मिल रही थी, लेकिन अब इसकी कीमत भी 30 से 40 रुपए किलो हो गई है। दूसरी भाजियों की कीमत भी 60 रुपए किलो है। जबकि पिछले वर्ष इसकी कीमत आधे से भी कम था।

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सब्जियों के भाव प्रति किलो

सब्जी - भाव
आलू 25- 30
टमाटर 50-60
हरी मिर्च 60, 70
हरी धनिया 100
लौकी 30-40
गिलकी 40-50
फूल गोभी 70-80
पत्ता गोभी 30-40
बैंगन 40-50
पालक 40 -50
शिमला मिर्च 70-80
गाजर 40 -50
मटर 50 -60
बरबट्टी 70-80
करेला 60-70


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