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Bulldozer Action In Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में बुलडोजर एक्शन 5 दिनों से जारी, 500 से अधिक पर हुई कार्रवाई…

Bulldozer Action In CG : स्मार्ट सिटी बनाने के लिए करोड़ों रुपए फूंके गए, परंतु वेंडर जोन बनाकर छोटे-छोटे कारोबारियों को एक ठिकाना मुहैया नहीं कराया जा सका। नतीजा, सरकार बदलने पर जिम्मेदार के बुलडोजर का ठेले-खोमचे वाले ही सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं।

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Bulldozer Action In Raipur : शहर को स्मार्ट सिटी के अनुरूप ठेले-खोमचे और सडक़ों पर सब्जी बाजार को व्यविस्थत करने में स्मार्ट सिटी कंपनी और निगम दोनों नाकाम रहे हैं। स्मार्ट सिटी बनाने के लिए करोड़ों रुपए फूंके गए, परंतु वेंडर जोन बनाकर छोटे-छोटे कारोबारियों को एक ठिकाना मुहैया नहीं कराया जा सका। नतीजा, सरकार बदलने पर जिम्मेदार के बुलडोजर का ठेले-खोमचे वाले ही सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं।

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निगम प्रशासन आजीविका मिशन के तहत कई बार बैठकें की और वेंडरों के लिए वेंडर जोन बनाने के लिए शहर के कई स्थानों को चिह्नांकित भी किया गया, परंतु उस पर कोई ठोस काम नहीं हुआ। जबकि स्मार्ट सिटी योजना में शहर को सबसे पहले व्यविस्थत करने के प्लान पर काम होना था। ऐसी 6 से 7 जगहों पर ही वेंडर जोन बनाने में निगम प्रशासन सफल हो पाया है। यही वजह है कि शहर के हर इलाके में सडक़ पर सब्जी बाजार लगता है।

इन जगहों को वेंडर जोन बनाना था

साल 2022 में हुई आजीविका मिशन समिति की बैठक में 27 जगहों पर वेंडर जोन बनाने का निर्णय लिया गया। इनमें तेलीबांधा, फाफाडीह, देवेंद्रनगर, गोगांव, भाठागांव, लालपुर ओवरब्रिज के नीचे, नाइट चौपाटी के लिए जयस्तंभ के करीब मौदहापारा और एमजी रोड के बीच, बूढ़ातालाब के कैलाशपुरी जाने वाले मार्ग से मारवाड़ी मुक्तिधाम की तरफ सडक़ किनारे जगह तय की गई, लेकिन ऐसी जगहों पर कोई कोई काम नहीं हुआ। अधिकारियों का कहना है कि राशि स्वीकृति के लिए उस दौरान ही शासन को प्रस्ताव भेजा गया था, परंतु स्वीकृति नहीं मिलने पर ये काम नहीं हुए।

अब चार दिनों से दौड़ रहा बुलडोजर

सत्ता परिवर्तन होने के साथ ही शहर की सडक़ों पर पिछले चार दिनों से बुलडोजर दौड़ रहा है। इस दौरान 400 से 500 ठेले-खोमचे वालों के खिलाफ जिला और निगम प्रशासन अतिक्रमण का हवाला देते हुए कार्रवाई करने में जुटा रहा। शनिवार को अवकाश होने के कारण निगम का बुलडोजर किसी सडक़ पर नहीं निकला।

कलेक्टर, आयुक्त, पुलिस के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग

छत्तीसगढ़ हॉकर्स फेडरेशन के बैनर तले गौतम बंदोपाध्याय, वरिष्ठ नेता वीरेंद्र पांडेय तथा रायपुर पथ विक्रेता कल्याण संघ के अध्यक्ष अशोक सिंह ने संयुक्त रूप से शनिवार को पत्रकारवार्ता कर बुलडोजर संस्कृति का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक दिन में अवैध कब्जा और अतिक्रमण नहीं होते। यदि लंबे समय से ऐसा चल रहा था तो कलेक्टर, निगम आयुक्त और पुलिस प्रशासन जिम्मेदार है। इसलिए सबसे पहले इन जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी व्यक्ति या संगठन सडक़ यातायात बाधित करने के पक्षधर नहीं है, परंतु अचानक जिस तरह बुलडोजर से आतंक फैलाया जा रहा है, वह अन्याय है। यह सवाल भी उठाया कि नई सरकार का शपथ हुआ नहीं तो फिर किसके आदेश पर प्रशासन कहर बरपा रहा है। यह 2014 से लागू आजीविका का संरक्षण अधिनियम का खुला उल्लंघन है।

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महापौर ढेबर के कार्योंं पर उठाए सवाल

वरिष्ठ नेता वीरेंद्र पांडेय ने आरोप लगाया कि निगम में महापौर एजाज ढेबर की कार्यशैली की वजह से शहर की सडक़ों पर अराजकता का माहौल निर्मित हुआ। धर्म विशेष के लोगों को आगे करके अवैध कब्जा और अतिक्रमण कराया जाता रहा। इस संबंध में दो साल पहले सरकार के बेहद करीबी व्यक्ति को अवगत कराया, पर उस पर रोक नहीं लगाई गई।