
राजधानी एक्सप्रेस में 7 लाख के जेवर और 80 हजार नकद ले उड़े चोर, अटेंडर और वेंडर हिरासत में
रायपुर. नई दिल्ली से बिलासपुर आने वाली राजधानी एक्सप्रेस में रविवार तड़के चोरों ने चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया। चोर ए-2 बोगी में सफर कर रही महिला के करीब 80 हजार रुपए नकद और सात लाख के जेवर ले उड़े।
चोरी की शिकार हुई रिटायर्ड जेलर की बेटी रुचि शुक्ला ने घटना की पूरे विस्तार से जानकारी दी। रुचि ने बताया कि उसकी गहने लगभग सात लाख रुपए के थे। उसे घर के लॉकर में रखने के लिए ला रही थी। अपने पापा के घर दशहरा पर्व मनाने के बाद पति के पास अमरीका जाती। लेकिन रास्ते में पूरे जेवर चोरी हो गए। राजधानी एक्सप्रेस जैसी गाड़ी में सुरक्षा को लेकर महिला यात्री रुचि ने रेलवे प्रशासन को भी जमकर कोसा।
जैसा कि रुचि ने बताया
चोरी की शिकार रुचि शुक्ला ने बताया कि पूरी सावधानी से वह रायपुर आ रही थी। नकदी सहित ज्वेलरी से भरे हैंड बैग को तकिया के नीचे छिपा कर रखा हुआ था। रात 3.30 बजे तक उसे नींद नहीं लगी। वह बच्चे को बीच-बीच में चादर भी ओढ़ाती थी। गाड़ी इटारसी स्टेशन से निकलने के बाद उसे नींद हल्की नींद लगी, तो नागपुर स्टेशन में खुली। बैग चोरी होने पर उसने कोच के टीसी, अटेंडर और वेंडर की आईडी की फोटो अपने मोबाइल में खींची फिर उनसे पूछताछ भी की। तब पता चला कि नागपुर में छह लोग उतरे हैं। जिस वेंडर को वह पकड़ कर रखी हुई थी, उसके भाई का फोन भी उसी दौरान आया और उसने पूछा अब क्या करना है।
वेंडर शुरू से संदिग्ध लग रहा था
रुचि ने बताया कि अभिलाष नामक वेंडर की गतिविधि संदिग्ध लग रही थी, वह बार-बार कोच में आ रहा था। रात नौ बजे पहली बार खाना लेकर जिसे उसने लौटा दिया था। वह फिर रात 10 बजे खाना लेकर आया। वह पेंट्रीकार में अपने भाई को भी बैठाए था, जिसकी जांच रेलवे अमले ने नहीं की।
सात लाख रुपए की थी ज्वेलरी
ट्रेन में चोरी की शिकार रुचि शुक्ला ने अपने बयान में बताया कि उसकी ज्वेलरी लगभग सात लाख रुपए की तथा 80 हजार नकदी अपने हैंड बैग में रखी हुई थी। ज्वेलरी में एक रानी हार, एक मंगल सूत्र, एक सोने का चेन, नेकलेश हार, हीरे की अंगूठी, दो सोने की अंगूठी, सोने की नथुनी, एक बिंदिया, तीन जोड़ी कान का झुमका, दो जोड़ी चांदी के पायल, बच्चे का पायल, सोनी की एक जोड़ी बंगाली चूड़ी, सोने का बैसलेट, चांदी का श्रीयंत्र पत्र और एक एटीएम था। बैग चोरी हो जाने से सब चला गया।
रेलवे के अमले पर बड़ा सवाल
चोरी की शिकार रुचि ने ट्रेन में चलने वाले रेलवे के अमले पर बड़ा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने बताया कि एसी-2 जैसे कोच में ड्यूटी करने वाले अटैंडर और वेंडर की आईडी, मेडिकल एवं सिक्यूरिटी जैसी जांच नहीं की गई थी। वेंडर अभिलाष बार-बार कोच की बोगी में आ-जा रहा था, तभी से वह संदिग्ध लग रहा था। ट्रेन के पेंट्रीकार के मैनेजर की भूमिका भी संदिग्ध थी।
वेंडर अपने भाई को बिना टिकट पेंट्रीकार में बिठाया था
रुचि ने बताया कि पकड़े जाने पर वेंडर अभिलाष ने नागपुर में आरपीएफ नागपुर के सामने बयान दिया कि वह बिना टिकट अपने भाई को पेंट्रीकार में बैठाकर ला रहा था। उसका भाई नागपुर में उतर गया। वेंडर ने बैग चोरी कर अपने भाई को दे दिया था। वेंडर और उसके भाई के बीच हुई मोबाइल से बातचीत की रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सुनाई ।
चूहों की धमाचौकड़ी से परेशान थी
ए-2 कोच में सफर करने वाली रुचि शुक्ला ने बताया कि वह चूहों की धमाचौकड़ी से भी परेशान थी। रात 7 से 8 बजे तक चूहा परेशान कर रखा था, उसे डर लग रहा था कि चूहा कहीं बैग न कुतर दे। इसकी भी शिकायत टीटीई से की थी।
अटेंडर और वेंडर हिरासत में
रुचि शुक्ला ने सफर के दौरान हिम्मत दिखाते हुए नागपुर स्टेशन में ही कोच के टीसी से लेकर अटेंडर और वेंडर का आईडी सहित उनका फोटो अपने मोबाइल में खींच लिया। वहां की रेलवे पुलिस से कोच के अटेंडर और वेंडर को रायपुर स्टेशन तक लाने के लिए दबाव बनाया, जिसस बाद दोनों को रायपुर जीआरपी हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
जीआरपी थाना प्रभारी आरके बोर्झा ने कहा कि चोरी की घटना नागपुर में हुई है, इसलिए शून्य पर कायमी की है। हिरासत में लिए गए अटेंडर और वेंडर से पूछताछ की जा रही है। जितने लोगों का नाम सामने आया है, सबसे पूछताछ के बाद डायरी नागपुर जीआरपी को भेजूंगा।
Published on:
25 Sept 2017 12:42 am

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