
चंदू निर्मलकर/रायपुर. कहते हैं सफलता उन्हें ही मिलती है जो हौसलों के दम पर आसमान में उड़ान भरने का जज्बा रखते हैं। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने आज एक साथ 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के परीणाम घोषित कर दिए। इस नतीजे आने के बाद ऐसे होनहार छात्रों के हौसलों की कहानी सामने आई है। जो निराश हो चुके छात्रों के साथ-साथ लोगों को भी जीवन में कुछ कर गुजर कर सफलताओं को पाने प्रेरणा दे रही है। पत्रिका छत्तीसगढ़ 10 ऐसे होनहार छात्रों की कहानी बयां कर रही है..
दर्जी का बेटा टॉप-4 में
दुर्ग के खुर्सीपार निवासी विनय चौहान ने 12वीं बोर्ड में टॉप-4 स्थान हासिल किया है। छात्र विनय ने कहा है कि वह आइएएस बनकर देश की सेवा करना चाहता हूं। बेटे की इस उपलब्धि से पिता भावुक हो गया। छात्र विनय ने बताया कि मेहनत और कुछ कर गुजरने के इरादे के साथ उसने साबित किया है कि बड़ा स्कूल और हजारों रुपए की कोचिंग सबकुछ नहीं। चाहिए तो बस, हौसला और परिवार का सपोर्ट।
राजमिस्त्री का बेटा बना टॉपर
राजनांदगांव के खैरागढ़ के पेंड्री कला निवासी नोहर साहू ने ये साबित कर दिया कि लक्ष्य तय हो तो उसे प्राप्त करने में कोई परेशानी नहीं होती। साधारण परिवार के नोहर साहू अपनी मेहनत के बल पर 12 वीं बोर्ड में पूरे प्रदेश में पांचवा स्थान हासिल किया है। पिता पिता गोपीराम साहू गांव में राजमिस्त्री का काम करते हैं जबकि मां गृहणी हैं। 4 भाई बहन में दूसरे नोहर हर विषय में विशेष योग्यता धारी है। नोहर को राष्ट्रीय योगा छात्र होने के चलते 15 अंक अतिरिक्त मिले हैं।
पुरोहित की बेटी करना चाहती है गांव की सेवा
घर-घर पुरोहित का काम कर परिवार चलाने वाले दुर्ग के भारतेंदु मिश्रा के होनहार बेटी मानसी ने छत्तीसगढ़ बोर्ड की दसवीं की परीक्षा की मेरिट में दूसरा स्थान प्राप्त कर पिता का मान बढ़ाया है। मानसी बारहवीं के बाद आईआईटी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर सेवा करना चाहती है।
बिलासपुर की बेटा संध्या कौशिक टॉप-2 में आने के बाद भावुक हो गई। आंखों से छलकते हुए खुशी के आंसू को पोछने के बाद, संध्या ने कहा कि - मैंने गरीबों की सेवा करने के लिए एक और कदम बढ़ा दिया है। अब ज्यादा दूर नहीं जल्द ही डॉक्टर बनकर दूर-दराज में रहने वाले गरीबों का इलाज करुंगी। संध्या कौशिक ने 12 वीं बोर्ड में 98 प्रतिशत अंक हासिल कर राज्य में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। तीन भाई बहनों में दूसरे नंबर की संध्या शुरू से ही पढऩे में होशियार थी। पिता उमाकांत कौशिक कांस्टेबल है तथा मां पद्मनी कौशिक गृहणी। बेटी की इस सफलता को देखकर माता-पिता व पूरा परिवार में खुशी का माहौल व्याप्त है।
[typography_font:18pt;" >बनना चाहता है आईआईटी इंजीनियर
अंबिकापुर के गोधनपुर निवासी रोशन तिवारी माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित 10वीं बोर्ड के रिजल्ट में 5वां स्थान हासिल किया। रोशन के पिता अरविंद तिवारी कल्याणपुर के प्राइमरी स्कूल में शिक्षाकर्मी के रूप में पदस्थ हैं जबकि मां सुषमा तिवारी गृहिणी हैं। पत्रिका से चर्चा के दौरान रोशन ने बताया कि वह मेरिट में स्थान पाकर काफी खुश है। आगे चलकर वह मैथ्स से आईआईटी कर इंजीनियर बनना चाहता है।
जब सुना नाम नहीं रहा खुशी का ठिकाना
बिलासपुर के अनुराग ने टीवी में अपना नाम देखा तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। ड्रीम लैण्ड इंग्लिश मीडियम के छात्र अनुराग ने 97.6 प्रतिशत के साथ 10वीं बोर्ड में टॉप-3 स्थान हासिल किया है। परिणाम आने के बाद अनुराग ने कहा कि वह रुटिन बनाकर पढ़ाई किया।
रायगढ़ की दो बेटियों ने मारी बाजी
दसवीं के बोर्ड रिजल्ट में रायगढ़ जिले की दो बेटियों ने अपनी जगह बनाई है। इसमें पहले नंबर पर अर्चना नंदे है जो आदर्श ग्राम्य भारती की छात्रा है। अर्चना को 96.7 प्रतिशत अंक हासिल हुए हैं और टॉप टेन में वो आठवें नंबर पर आई है। इसके अलावा दूसरा नाम बरमकेला क्षेत्र से पूजा पटेल का सामने आया है।
Published on:
09 May 2018 02:53 pm
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