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भूपेश सरकार में सीनियर मंत्री TS सिंहदेव को विधानसभा में आखिर क्यों मांगनी पड़ी माफी

छत्तीसगढ़ के संसदीय इतिहास में बुधवार का दिन गलत वजहों से दर्ज हो गया। इसके लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव ने सदन से माफी भी मांगी।  

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cg budget session 2019

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रायपुर. छत्तीसगढ़ के संसदीय इतिहास में बुधवार का दिन गलत वजहों से दर्ज हो गया। बजट के विभागीय मांगों पर चर्चा शुरू होनी थी। लेकिन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अफसरों ने विभागीय प्रतिवेदन छापकर विधानसभा को दिया ही नहीं। ऐन वक्त पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव ने विधानसभा अध्यक्ष को बताया कि विभाग चर्चा की तैयारी नहीं कर पाया है, इसलिए उनके विभाग की चर्चा के समय को आगे बढ़ा दिया जाए।

सिंहदेव ने इसके लिए सदन से माफी भी मांगी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सदन की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। सदन के बाहर संवाददाताओं से चर्चा में विभागीय मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया, विभाग प्रतिवेदन नहीं तैयार कर पाया था। उसकी प्रतियां विधायकों तक पहुंच गई थीं, लेकिन विधानसभा में वह नहीं पहुंच पाया।

उन्होंने कहा, इस संबंध में विधानसभा सचिवालय से उन्होंने चर्चा की थी, पता चला कि एकाधिक बार पहले भी ऐसा हो चुका है। उन्होंने कहा, वे चर्चा के लिए तैयार थे, लेकिन विपक्ष इसपर तैयार नहीं हुआ। सिंहदेव ने इस लापरवाही के लिए जिम्मेदारों पर कार्यवाही करने की संभावना से भी इन्कार कर दिया।

विपक्ष ने कहा, चर्चा किस बात पर होगी
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा, विभागीय मांगों पर चर्चा से पहले विभागीय प्रतिवेदन प्रस्तुत होता है। वह प्रिंट होकर ही नहीं आया। प्रतिवेदन नहीं मिला तो चर्चा किसपर होगी। डॉ. रमन सिंह ने कहा, ऐसा मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के संसदीय इतिहास में पहली बार हुआ है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग की। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ विधायक दल के नेता धर्मजीत सिंह ने कहा, यह सरकार का गैर जिम्मेदाराना रवैया है। सरकार विधानसभा को गंभीरता से नहीं ले रही है।

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