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सदन में हंगामा: अब 216 करोड़ PDS घोटाले की होगी जांच, सत्तापक्ष के नाराज विधायकों की मांग पर हुई घोषणा

CG Budget Session 2024: विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली में हुए घोटाले का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा। इसे लेकर सत्तापक्ष के विधायकों ने खाद्य मंत्री दयालदास बघेल को घेरा।
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रायपुर

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Khyati Parihar

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Updated: 7 Feb 2024, 10:50 AM IST

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Budget Session 2024 : विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली में हुए घोटाले का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा। इसे लेकर सत्तापक्ष के विधायकों ने खाद्य मंत्री दयालदास बघेल को घेरा।

मंत्री ने स्वीकार किया कि इसमें 216.08 करोड़ का घोटाला हुआ है और इसमें राशन दुकान संचालकों पर कार्रवाई की गई है। इस पर सत्तापक्ष के विधायकों ने किसी भी अफसर पर कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठाए और सदन की समिति से जांच की मांग की। सरकार की तरफ से संसदीय कार्यमंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने सदन की समिति से जांच कराने की घोषणा की। बता दें कि यह घोटाला पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय हुआ था। प्रश्नकाल में विधायक धरमलाल कौशिक ने इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा, चावल माफियाओं ने गरीबों के चावल की अफरा-तफरी की है। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने 24 मार्च 2023 तक रिपोर्ट देने की बात कही थी, लेकिन इससे पहले ही वे रफूचक्कर हो गए। यह जो जांच का लंबित मामला है, क्या तय समय में रिपोर्ट आई। इस पर मंत्री ने जवाब दिया कि रिपोर्ट तय समय पर नहीं आ सकी थी। मंत्री ने कहा, मैं स्वीकार करता हूं कि अनियमितता हुई है। इस पर धरमलाल कौशिक ने कहा, जब अनियमितता हुई है, तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। विधायक अजय चंद्राकर और राजेश मूणत ने भी कार्रवाई नहीं होने पर आपत्ति जताई। मंत्री ने बताया कि 227 दुकानों को निलंबित किया गया। 181 दुकानों को निरस्त किया गया है और 24 दुकानदारों पर एफआईआर हुई है।

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विपक्ष की गैर मौजूदगी में पारित हुआ तीसरा अनुपूरक बजट

किसानों के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार होने के बाद विपक्ष ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया। इसके बाद भी सदन की कार्यवाही चलती रही। सत्ता पक्ष के साथियों ने तीसरे अनुपूरक बजट की अनुदान मांगों पर चर्चा की। वित्त मंत्री ओपी चौधरी के प्रस्ताव पर 13 हजार 487 करोड़ का तीसरा अनुपूरक बजट पारित हुआ। इसमें किसानों को धान खरीदी की अंतर की राशि देने के लिए 12 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

आसंदी के आदेश का समयबद्ध पालन जरूरी

इस दौरान सत्ता पक्ष के विधायकों ने आसंदी की अवमानना का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि आसंदी के निर्देश का भी पालन नहीं हुआ। इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा, इस बात का ध्यान रखना हम सभी के लिए जरूरी है कि जो भी आसंदी का आदेश होता है उसका समयबद्ध पालन करना जरूरी होता है। पहली बार है, पहला दिन है, मैं इसमें दूसरी बात नहीं कहूंगा, मगर भविष्य में इस बात की चिंता सभी को करनी होगी।

ऐसे हुआ घोटाला

शक्कर - 5442दुकान- 2807 मात्रा टन - 10.09 राशि करोड़ में
चावल - 5882दुकान - 54240 मात्रा टन में - 192.65 राशि करोड़ में
चना- 3771दुकान - 2440 मात्रा टन में - 13.34 राशि करोड़ में

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