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CG School Closed: आज प्रदेशभर के निजी स्कूल बंद! RTE फीस बढ़ोतरी की मांग पर उबाल, आगे और तेज हो सकता है आंदोलन

CG School Closed: छत्तीसगढ़ में आरटीई फीस बढ़ोतरी की मांग को लेकर निजी स्कूलों का विरोध तेज हो गया है। इसी के तहत आज पूरे प्रदेश में स्कूल बंद रखे गए, जबकि संचालकों ने लंबे समय से मांगों की अनदेखी का आरोप लगाया है।
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रायपुर

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Shradha Jaiswal

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Updated: 18 Apr 2026, 8:39 AM IST

CG School Closed: आज प्रदेशभर के निजी स्कूल बंद! RTE फीस बढ़ोतरी की मांग पर उबाल, आगे और तेज हो सकता है आंदोलन(photo-patrika)

CG School Closed: आज प्रदेशभर के निजी स्कूल बंद! RTE फीस बढ़ोतरी की मांग पर उबाल, आगे और तेज हो सकता है आंदोलन(photo-patrika)

CG School Closed: छत्तीसगढ़ में आरटीई (Right to Education) के तहत मिलने वाली फीस प्रतिपूर्ति बढ़ाने की मांग को लेकर निजी स्कूलों का विरोध तेज हो गया है। इसी क्रम में आज पूरे प्रदेश के निजी स्कूल बंद रखे गए हैं। स्कूल संचालकों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है।

CG School Closed: काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

बंद से एक दिन पहले निजी स्कूल संचालकों, शिक्षकों और स्टाफ ने काली पट्टी बांधकर काम किया और शासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। यह प्रदर्शन प्रतीकात्मक था, लेकिन इसके जरिए सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की गई।

1 मार्च से जारी है असहयोग आंदोलन

छत्तीसगढ़ निजी विद्यालय प्रबंधन संघ के नेतृत्व में एक मार्च से असहयोग आंदोलन जारी है। एसोसिएशन का कहना है कि बार-बार मांग रखने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे संचालकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

फीस नहीं बढ़ी तो RTE प्रवेश रोकने की चेतावनी

एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि फीस प्रतिपूर्ति में वृद्धि नहीं की गई, तो लॉटरी के माध्यम से चयनित आरटीई छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यह फैसला शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकता है।

14 साल से नहीं बढ़ी प्रतिपूर्ति राशि

स्कूल संचालकों का कहना है कि वर्ष 2011 से अब तक आरटीई के तहत मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। वर्तमान में कक्षा 1 से 5 तक प्रति छात्र 7 हजार रुपए और कक्षा 6 से 8 तक 11,400 रुपए प्रति वर्ष दिए जाते हैं। जबकि महंगाई और संचालन लागत लगातार बढ़ रही है, ऐसे में फीस में बदलाव न होने से निजी स्कूलों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।

आगे और तेज हो सकता है आंदोलन

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार की ओर से जल्द कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके साथ ही आने वाले दिनों में अगली रणनीति पर निर्णय लेकर व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन की तैयारी भी की जा रही है।

गर्मी की छुट्टियों से पहले बढ़ा विवाद

राज्य सरकार द्वारा 20 अप्रैल से ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किए जाने के बीच यह विवाद और भी महत्वपूर्ण हो गया है। इससे पहले ही स्कूलों के बंद होने से अभिभावकों और छात्रों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।

निष्कर्ष: शिक्षा व्यवस्था पर असर के संकेत

RTE फीस बढ़ोतरी को लेकर बढ़ता विरोध आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। यदि सरकार और स्कूल प्रबंधन के बीच जल्द समाधान नहीं निकला, तो इसका सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ सकता है।