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मासूम को हल्दी लगाकर मां ने किया विदा तो बिलख पड़े घरवाले, ये थी मौत की वजह

मासूम को हल्दी लगाकर मां ने किया विदा तो बिलख पड़े घरवाले, ये थी मौत की वजह
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रायपुर

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Chandu Nirmalkar

•

Updated: 10 Aug 2018, 3:23 PM IST

CG News

मासूम को हल्दी लगाकर मां ने किया विदा तो बिलख पड़े घरवाले, ये थी मौत की वजह

रायपुर/भिलाई. आमतौर पर हल्दी की रस्म विवाह में होती है। लेकिन छत्तीसगढ़ के भिलाई खुर्सीपार इलाके में डेंगू पीडि़त 7 वर्षीय दिनेश की मौत के बाद अंतिम संस्कार के वक्त जब उसे हल्दी लगाई जाने लगी तो मां और अन्य परिजन बिलख पड़े। आपको बता दें कि भिलाई में डेंगू का कहर से अब तक 10 की मौत की मौत हो गई है। खुर्सीपार में 12 घंटे के भीतर तीन बच्चों समेत चार लोगों की डेंगू से मौत जाने से शहर में हड़कंप मच गया है। बुधवार देर रात दो बालक व एक युवक की मौत हो गई है। उसके बाद गुरुवार दोपहर को एक बच्ची ने दम तोड़ दिया।

डेंगू से दस दिन के भीतर शहर में 10 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि शहर में अब तक डेंगू के 1000 से अधिक मरीज सामने आ चुके हैं। साढ़े तीन सौ से अधिक पीडि़तों का अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है। सरकारी की जगह निजी हॉस्पिटलों में डेंगू मरीजों की खासी भीड़ है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाया है, पर डेंगू पर काबू नहीं पाया सका है। सबसे अधिक प्रभावित खुर्सीपार व छावनी क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग दवा वितरण कर रहा है। दुर्ग कलक्टर उमेश अग्रवाल ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। जांच शिविरों का निरीक्षण किया।

सौ यूनिट ब्लड, अस्पतालों में बेड आरक्षित रखने कहा

कलेक्टर उमेश अग्रवाल ने बताया कि डेंगू मरीजों का निजी अस्पताल और नर्सिग होम में फ्री इलाज किया जाएगा। इसके लिए सभी अस्पतालों में 10-10 बेड आरक्षित रखने कहा गया है। उन्होंने ब्लड बैंक में 100 यूनिट ब्लड का स्टॉक रखने कहा है और सभी एनजीओ से रक्तदान करने की
अपील भी की है।

बेदह दर्दनाक, हर किसी के आंखों में आ गया पानी
आमतौर पर हल्दी की रस्म विवाह में होती है। लेकिन खुर्सीपार इलाके में डेंगू पीडि़त 7 वर्षीय दिनेश की मौत के बाद अंतिम संस्कार के वक्त जब उसे हल्दी लगाई जाने लगी तो मां और अन्य परिजन बिलख पड़े।

मितानीन-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ड्यूटी मोबाइल बांटने में लगाई
फील्ड में काम करने वाली मितानीन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ड्यूटी मोबाइल बांटने में लगाई गई है। यही वजह है कि शहर के कई इलाकों में अब तक निगम का स्वास्थ्य विभाग और स्वच्छता दल पहुंच ही नहीं पाया है। वार्ड-14, 21 और 22 के पार्षद और स्वयंसेवी संगठन के लोग डोर-टू-डोर संपर्क कर कूलर का पानी खाली करवा रहे हैं।

इन्होंने गंवाई जान
1. टोमेंद्र सेन, पिता
अर्जन सेन, 21 साल,
2. प्रियंका साढ़े चार वर्ष,
3. दिनेश दलाई सात वर्ष
4. मिमांसा माही 13 वर्ष