- सीएम की नाराजगी के बाद जागा विभाग, कलेक्टरों को दी निगरानी और समन्वय की जिम्मेदारी.
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पिछले दिनों लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक ली थी। इस दौरान उन्होंने नाराजगी जताते हुए सड़कों के त्वरित मरम्मत के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद हरकत में आए विभाग ने सड़कों को सुधारने नोडल अधिकारियों को जिलेवार जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही सभी जिला कलेक्टरों को निगरानी और समन्वय स्थापित करने को कहा है।बता दें कि राज्य सरकार ने 7184 सड़क कार्यों के लिए 13607.5 करोड़ रुपए के कार्य स्वीकृत हैं। इसके तहत 15498 किमी सड़कों और पुल-पुलियों के कार्य किए जा रहे हैं।
राज्य के बजट में शासन स्तर से 6155.59 करोड़ रुपए के 860 सड़कों और पुल-पुलियों के कार्य स्वीकृत हैं। इन सड़कों की लंबाई 2932 किलोमीटर है। वार्षिक मरम्मत नवीनीकरण के 489.64 करोड़ रुपए के 1114 कार्य स्वीकृत हैं। इसमें कुल 2826 लंबाई की सड़कों के कार्य किए जा रहे हैं।जारी स्वीकृतियों से 142 करोड़ रुपए की लागत से 541 कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना के अंतर्गत 461.50 करोड़ रुपए की लागत के 3831 में 4132 किलोमीटर लंबाई में सड़क कार्य किए जा रहे हैं।
राष्ट्रीय राजमार्गों में राज्य बजट से 20.84 करोड़ रुपए लागत के 2 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। आरसीपीएलडब्लूईए योजना के तहत राज्यांश राशि से 654.80 करोड़ रुपए लागत के 316 कार्य स्वीकृत हैं। 2478 किलोमीटर लंबाई के कार्य इसके अंतर्गत किए जा रहे हैं। इनमें 291 सड़कों तथा 25 पुलों के कार्य शामिल हैं। इन कार्यों की कुल लागत 1637 करोड़ रुपए है, जिसमें 60 प्रतिशत राज्यांश तथा 40 प्रतिशत केंद्रांश शामिल हैं।