
लोकेश ध्रुव पत्नी हाउजांग के साथ।
मगरलोड. चीन में रहने वाले छत्तीसगढ़ के आदिवासी युवा लोकेश कुमार ने सोशल मीडिया में एक वीडियो और फोटो अपलोड कर कोरोना वायरस के फैलने की जानकारी और बचाव को लेकर अनुभव साझा किया है।
लोकेश ने बताया कि वायरस फैलने की जानकारी उन्हें भारत में ही हो गया था। लेकिन तब चीन में कोरोना वायरस उतना नही फैला था। जितना अब महामारी का रूप ले लिया है। उन्होंने सचेत भी किया है कि अगर सावधानी नहीं बरती गई तो भारत में ईराक से भी बुरा हाल हो सकता है।
बीजिंग में हैं योग शिक्षक
बता दे कि धमतरी जिले अंतर्गत मगरलोड क्षेत्र के परसाबुड़ा गांव का लोकेश ध्रुव चीन की राजधानी बीजिंग में योग शिक्षक है। वही दो महीने पहले ही लोकेश अपनी चीनी मूल की पत्नी और परिवार के साथ अपने गृहग्राम परसाबुडा आए थे।
लोगों से की अपील
लोकेश ध्रुव ने सलाह दिया है की थोड़ा भी बुखार, सर्दी, खासी हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलने और साथ ही भीड़भाड़ वाले इलाके में न जाए, चेहरा पर मास्क का उपयोग करें। बहुत ही ज्यादा जरूरी काम होने पर ही घर से निकलने की बात कही अन्यथा सहपरिवार को घर मे रहने की अपील किया है।
...और इस तरह पहुंचा 'परसाबुड़ा टू चाइना'
छत्तीसगढ़ का वनांचल क्षेत्र धमतरी जिले का मगरलोड विकासखंड। इस विकासखंड में है एक छोटा गांव हैं परसाबुड़ा। एक ऐसा गांव जहां से निकले युवक आज विदेशी धरा पर भारत की पहचान बन गया है। ये कहानी उस लोकेश की है जो आध्यत्मिक शिक्षा लेने के लिए हरिद्वार गया था, लेकिन वहां से वह सफल योग शिक्षक बन दिल्ली के रास्ते चीन पहुँच गया।
योग-लव-शादी और कामयाबी
लोकश ने बताया कि बीजिंग में वे बीते 4 वर्ष से योग की शिक्षा दे रहे है। अभी 3 हजार से अधिक लोगों को योग सीखा रहे है। चीन में शुरुआती वर्ष में भाषा, रहन-सहन, खान-पान आचरण-व्यवहार को लेकर कठिनाई जरुर हुई लेकिन धीरे-धीरे चीन के लोगों से संपर्क बढ़ते चला गया और फिर आज सफल जीवन जी रहे है। लोकेश ने चीन में अपना घर भी बना लिया है। कहते हैं न प्यार कहीं न कहीं इंतजार करता रहता है। वैसे ही लोकेश को चीन की हाउजांग से प्यार हो गया उसने उससे वहीं शादी भी कर ली है।
Published on:
27 Mar 2020 07:14 pm
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