
Chhattisgarh News: आवारा मवेशियों से वाहन चालकों और आम नागरिकों को राहत दिलाने के लिए राज्य सरकार द्वारा गौ-अभयारण्य बनाने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार द्वारा फिलहाल दो जिलों कवर्धा और बेमेतरा में गौ-अभयारण्य बनाने का काम भी शुरू कर दिया है। इस गौ अभयारण्य को गौ-धाम के नाम से पहचाने जाएंगे। शासन ने गौ-धाम नाम करने का निर्णय लिया है। जानकारी के अनुसार, कवर्धा में 120 एकड़ में और बेमेतरा जिले के झालम में 50 एकड़ में गौ-अभयारण्य बनाया जा रहा है। निर्माण अंतिम चरण में है। इन दोनों गौ- अभयारण्यों का शुभारंभ शीघ्र किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, उक्त दोनों जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत गौ अभयारण्य का निर्माण किया जा रहा है। इन दोनों जिलों में उक्त योजना सफल होने के बाद प्रदेश के बाकी जिलों में भी गौ अभयारण्य बनाया जाएगा। क्योंकि सभी जिलों के हर शहर में आवारा मवेशियों से वाहन चालक और लोग परेशान है। इस कारण से शासन ने सभी जिलों में गौ अभयारण्य बनाने का निर्णय लिया है।
गौवंश अभयारण्य योजना राज्य के पशुधन विकास विभाग, पंचायत, राजस्व एवं वन विभाग को एक साथ मिलकर गौवंश अभयारण्य बनाने का जिमा दिया गया है। इन विभागों को सड़कों पर भूखे-प्यासे भटकने वाले मवेशियों को गौ अभयारण्य में पकड़कर ले जाना होगा। साथ ही मवेशियों के लिए चारा, चिकित्सकीय सुविधा आदि की व्यवस्था उपलब्ध करानी होगी।
सड़कों पर घूम रहे आवारा मवेशियों की वजह से सड़क हादसों का खतरा है। ट्रैफिक जाम के भी हालात बनते हैं। वाहन चालकों को सड़क पर मवेशियों के रहने से वाहन चलाने में काफी परेशानी का सामाना करना पड़ता है। भूख से बेहाल मवेशी कूड़ा-कचरा या प्लास्टिक खाने से बीमार पड़ रहे हैं, उनकी मौत हो रही है। इस कारण से इन मवेशियों की देखभाल के लिए सरकार को गौ अभयारण्य बनाने की जरूरत महसूस हुई।
Updated on:
06 Dec 2024 02:00 pm
Published on:
06 Dec 2024 01:59 pm
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