
रायपुर. छत्तीसगढ़ के एक किसान को 10 नहीं 20 नहीं बल्कि 75 करोड़ 59 लाख 60 हजार 770 रुपए का बिजली बिल देने का मामला सामने आया है। बिल भेजने के बाद विभाग के अधिकारी ने बकायदा नोटिस जारी किया। जिसमें कहा गया कि अगर दिए गए तारीख में बिल नहीं पटाया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह सब देखकर किसान के पैरों तले जमीन ही खिसक गई। जानिए इस 75 करोड़ के बिल की पूरी कहानी...
नहीं पटाया बिल तो देना होगा 76 करोड़ 73 लाख 180 रुपए
सरकारी सिस्टम भी किसनों के साथ मजाक करने से बाज नहीं आ रहा है। विद्यृत वितरण कंपनी ने महासमुंद जिले के एक किसान को 75 करोड़ 59 लाख 60 हजार 770 रुपए का बिल थमाया। घर के बिजली कनेक्शन के लिए अगस्त महीने का यह बिल बसना ब्लाक के बड़ेसाजापाली गांव निवासी रामप्रसाद साहू को इसी महीने थमाया।
इसका भुगतान इसी महीने की 28 तरीख तक करना है। नहीं तो बिल की राशि ७६ करोड़ 73 लाख 180 रूपए देने की बात कही गई। बिजली कंपनी ने यह बिल १३ सितंबर को जनरेट किया था। बिल देखकर किसान के होश उड़ गए। पूरा परिवार इस बिल को लेकर सदमें में है।
बागबहारा ब्लॉक कांग्रेस समिति के अध्यक्ष अंकित ने बताया कि उस किसान के पास चार एकड़ की खेत है। फिर किस अनुमान से इतना भरी भरकम बिल आ सकता है। इस मामले को लेकर अधिकारियों तक भी शिकायत पहुंचाई गई है। स्थानीय बिजली ऑफिस के स्टॉफ का कहना है कि असल में बिल १८२० रूपए का है।
पूरा गांव उमड़ा बिल देखने
जैसे ही गांव के एक किसान को 75 करोड़ का बिजली बिल आने की खबर मिली। पूरा गांव उमड़ पड़ा घटना की जानकारी लेने। आलम यह रहा है कि किसान के घर 75 करोड़ के बिल को देखकर शून्य को गिनते नजर आए। हालांकि जब खबर आलाअधिकारियों के कान तक पहुंची तो वे अपना पल्ला झाड़ते हुए कम्प्यूटर ऑपरेट की गलती बताते रहे।
कम्प्यूटर ऑपरेटर की गलती से बिल की राशि बढ़ गई थी। मामला देखने के बाद उसमें सुधार कर दिया गया है।
आईडी डोंगरे, अधीक्षण अभियंता, विद्यृत वितरण कंपनी
Published on:
24 Sept 2017 04:13 pm
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