
Russia Ukraine War: सायरन बजते ही बंकर में छिप जाते है छात्र, पालकों की निगाहे टिकी टीवी पर
रायपुर. Russia Ukraine War: यूक्रेन-रूस की जंग में फंसे छत्तीसगढ़ के बच्चे दहशत की जिंदगी जीने के लिए मजबूर है। यूक्रेन की राजधानी कीव और सिटी विन्सेशिया में दहशत का माहौल कुछ इस कदर है, कि सायरन बजते ही लोग बंकर में जाकर छिप जाते है और खुद को बचने का प्रयास करते है। विन्सेशिया सिटी में फंसे छत्तीसगढ़ के छात्रों और छत्तीसगढ़ में रहने वाले पालको से पत्रिका टीम ने चर्चा की।
पत्रिका टीम से चर्चा के दौरान छात्रों ने कहा, कि यूक्रेन सरकार से उन्हें किसी भी तरह की मदद नहीं मिल रही है। खाने का स्टॉक भी खत्म होने वाला है। आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह होने वाली है। सरकार से अपील है, कि स्वेदश पहुंचने में वो हमारी मदद करें। यूक्रेन में फंसे बच्चों का दहशतनुमा चेहरा देखकर छत्तीसगढ़ में रहने वाले उनके पालक बेहद चिंतित है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बनाए गए हेल्पलाइन नंबर पर समन्वयकों से वो लगातार संपर्क रहे है और अपने बच्चों की जानकारी दे रहे है। पालकों ने सरकार से अपील की है, कि वो भारत सरकार से चर्चा करके उनके बच्चों को सुरक्षित स्वदेश लाने के लिए ठोस कदम उठाए।
सायरन रूह कपा देता है सर
यूक्रेन के विनसेशिया सिटी में स्थित मेडिकल यूनीवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे छात्र एम आकाश राव से पत्रिका ने टेलीफोनिक चर्चा की। एम आकाश राव ने बताया, कि सुबह से चार बार गोली और मिसाइल की आवाज आ चुकी है। चारों ओर केवल सेना दिख रही है। यूक्रेन सरकार ने सायरन बजने पर बंकरों में जाने के लिए कहा है। हम किराए के घर में रहते है, इसलिए पड़ोसी के बंकर पर जाकर छिपते है और खुद को सुरक्षित रखते है। एम आकाश राव का कहना है, कि आने वाले दिनों में हालात और बिगडऩे वाले है। यूक्रेन सरकार की किसी भी तरह की मदद नहीं मिल रही है। सरकार को वापस निकालने के लिए ठोस पहल करना चाहिए, ताकि सुरक्षित घर पहुंच सके।
दहशत के बीच चल रहा जीवन
यूक्रेन के खरकीव के वीएन करजिन में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के छात्र तुषार गिरी गोस्वामी ने यूक्रेन से वीडियो बनाकर भेजा है। वीडियो में छात्र तुषार ने बताया कि सुबह 5 बजे धमाकों की आवाज सुनाई दी, जिससे वह डर गया है। हालात खराब होने पर तुषार और उसके साथ रहने वाले स्टूडेंट को गुरुवार शाम बंकर में ले जाया गया है। बंकर में दहशत के बीच अपना जीवन जीने के लिए मजबूर है। राशन और पानी भी खत्म होने की कगार पर है।
परिजनों ने शुरु की मनौती
यूक्रेन में फंसे एम आकाश राव के पिता एम कुमार राव और उनकी मां एम लता राव से पत्रिका ने चर्चा की। रायपुर के शिवानंद नगर में रहने वाले एम आकाश राव के पिता एम कुमार राव ने बताया, कि बेटा 26 फरवरी को आने वाला था, लेकिन फ्लाइट कैंसिल होने की वजह से वहां फंसा है। बेटे दहशत के बीच में है, इसलिए पत्नी एम लता राव और उनका बुरा हाल है। दिन भर टीवी में बैठकर यूक्रेन से संबंधी खबरों को देखते रहते है। जब भी टीवी में हमला होते दिखता है, तत्काल बेटे को फोन करके उसका हाल चाल लेते है। बेटे सरक्षित घर आए, इसलिए सरकार के तरफ मदद की आस से देख रहे है।
40 बसों की व्यवस्था की विवि ने
यूक्रेन में फंसे छात्रों ने बताया, कि भारतीय दूतावास के कहने पर विवि प्रबंधन ने यूक्रेन से बाहर निकलने के लिए 40 बसों की व्यवस्था की है। इन बसों से कब रवाना होना है? इसके बारे में अब तक किसी ने नहीं बताया है। स्वेदश वापस लौटने का रूट मैप क्या है? इसके बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। एंबेंसी के लगातार संपर्क में बने हुए है।
यूक्रेन मामला के समन्वयक गणेश मिश्र ने कहा, छत्तीसगढ़ और यूक्रेन में रहने वाले छत्तीसगढ़वासियों के लगातार संपर्क में है। जितने लोगों की जानकारी बीते चार दिनों में मिली है, सभी की जानकारी एंबेसी को भेज दी है। यूक्रेन में फंसे लोगों की मदद करने का प्रयास किया जा रहा है।
Published on:
25 Feb 2022 11:05 pm
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