
ऐसा पहली बार: छत्तीसगढ़ के टॉप 35 एनजीओ करेंगे बिहेवियर चेंज पर मंथन
कई बातें ऐसी होती हैं जिसे मनवाने के लिए सरकार का भी बस नहीं चलता। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है कोविड। इस बीमारी से बचाव के लिए सरकार ने जगह-जगह जांच केंद्र खोले, वैक्सीनेशन सेंटर बनाए, बूस्टर डोज के लिए प्रेरित किया। बावजूद लोगों में स्वस्फूर्त आने की जागरुकता नहीं थी। आखिर वे क्या कारण हैं कि लोग आते नहीं थे।
कोविड के अलावा रोजमर्रा में कुछ न कुछ ऐसी चीजें हम देखते हैं जहां लोगों को प्रेरित करने की जरूरत होती है। यही बिहेवियर चेंज कहलाता है। यह कहा सोशल एंड बिहेविर चेंज (एबीसी) यूनिसेफ प्रमुख अभिषेक सिंह ने। यूनिसेफ की ओर से 20 और 21 नवंबर को एनआईटी में द नज समिट 2022 का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 35 एनजीओ समेत अलग-अलग फील्ड के 100 से ज्यादा व्यक्ति शामिल होंगे।
पोलिया उन्मूलन से जुड़े
सिंह ने कहा, मैं पोलिया उन्मूलन से जुड़ा रहा। रुरल मैनेजमेंट की पढ़ाई के बाद कई एनजीओ के साथ काम किया। आगा खान फाउंडेशन से मिलकर काम किया।
दो दिन में क्या होगा
सिंह ने बताया, ग्रास रूट से हमने एनजीओ की लिस्टिंग की। करीब 100 एनजीओ थे जिसे हमारी ऑर्गेनाइजिंग कमेटी ने शॉर्ट किया। छत्तीसगढ़ में अपने तरह का यह पहला दो दिवसीय कार्यक्रम होगा जिसमें दिल्ली से एक्सपर्ट आ रहे हैं। पहले दिन मंथन होगा कि कैसे कल्चर और टेक्नोलॉजी समेत अन्य विधाओं से सोशल बिहेवियर चेंज को मजबूत किया जा सके। दूसरे दिन प्लानिंग और एक्शन रिसर्च पर चर्चा होगी।
Published on:
19 Nov 2022 05:35 pm
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