
केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद करने के इन युवाओं ने बढ़ाया हाथ, खुद वहां जाकर बांट रहे लोगों का दुख-दर्द
निकेश देवांगन(8817648475)@रायपुर. हाल ही में केरल में आई भीषण तबाही में पूरे देश से आई एनजीओ और अलग-अलग संगठनों ने इस त्रासदी में राहत और बचाव कार्य में बढ़-चढक़र हिस्सा लिया। इसमें छत्तीसगढ़ समेत राजधानी के दर्जनों वालंटियर्स भी शामिल हैं। इन्होंने प्रदेश से साढ़े पांच लाख रुपए तक चंदा इकट्ठा कर वहां के लोगों तक पहुंचाया, जिसमें डेढ़ लाख रुपए राजधानी से शामिल हैं। जमात-ए-इस्लामी हिंद रायपुर शहर के अध्यक्ष रजा कुरैशी ने बताया कि रायपुर और भिलाई से दर्जनभर युवाओं द्वारा केरल में लोगों की मदद की जा रही है। जहां खाने-पीने के सामान कमी है, वहां भोजन की व्यवस्था की जा रही है। जो पानी में फंसे थे, उनके लिए राहत सामग्री प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि ये वालंटियर्स केवल केरल में ही नहीं, अपितु राजधानी में भी विभिन्न सामाजिक कार्यों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनके द्वारा सामाजिक सद्भाव के कार्यक्रम कर विभिन्न धर्मों के लोगों को शामिल किया जाता है। रायपुर और भिलाई से वालंटियर्स के लिए गए मोहम्मद फैजान, अनस खान, फर्जान, रीजवान आरीफ, मोहम्मद जावेद, मोहम्मद ताहीर, आरीफ शेख, बीलाल अहमद आदि हैं।
केरल इस वक्त सदी की सबसे बड़ी तबाही से जूझ रहा है। जिसमें करीब 350 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और साथ ही १० लाख से अधिक लोग बेघर हो चुके हैं। इस वक्त पूरा देश केरल की मदद कर रहा है। एेसे में छत्तीसगढ़ ने भी केरल की मदद करने अपना हाथ बढ़ाया है।
यह एक ऐसा संगठन है जिसका मुख्य उद्देश्य सामाजिक कल्याण करना है। इसे कुछ व्यक्तियों के समूह के द्वारा संचालित किया जाता है। यदि व्यक्तियों का समूह या समुदाय कोई सामाजिक सुधार या कल्याण का काम करना चाहता है तो वे इस कार्य को कर सकता है। इनके द्वारा सर्वे के तहत हर क्षेत्र से ब्योरा इकट्ठा किया जाता है, जहां पर जो समस्याएं रहती हैं।
मदद के लिए जमात-ए-इस्लामी हिंद की आइआरडब्ल्यू (आइडियल रिलीफ विंग) स्टूडेंट्स, इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंडिया और एसबीएफ (सोसाइटी फॉर ब्राइट फ्यूचर) की टीम भी शामिल है। एसबीएफ के नेशनल कोऑर्डिनेटर ने बताया कि हमारी टीम दस दिनों से राहत सामग्री वितरण के कार्यों में मदद कर रहे हैं। अब तक एसबीएफ के वालंटियर्स दो विद्यालय, दस कुएं, एक महाविद्यालय, पांच मकान, एक मंदिर, दो मस्जिद और अलग-अलग क्षेत्र की सफाई कर रहे हैं। केरल एलप्पी जिले के दो गांवों अडिक्कलो और टीकाकोरा में पानी भरा हुआ है, वहां इनके द्वारा राहत सामग्री वितरित की गई। संस्था के नेशनल कोर्डिनेटर इरफान अहमद ने बताया कि हमारा उद्देश्य वायनाड जिले के परकोल्ली गांव में पुनर्वास कार्य करना है।
7. गरीब परिवार जिनकी खुद की जमीन है, उनके लिए दो कमरे का मकान बनाना।
Updated on:
9 Sep 2018, 1:22 PM IST
Published on:
9 Sep 2018, 1:20 PM IST
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