15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सूने मकानों पर चोरों की निगाहें

एक ही रात चोरों ने तीन घरों को बनाया निशाना

2 min read
Google source verification
cg news

सूने मकानों पर चोरों की निगाहें

छत्तीसगढ़ पुलिस चोरी की घटनाओं को रोकने में पूरी तरह विफल है। न्यायधानी बिलासपुर सहित राज्य के प्रमुख शहरों में कोई ऐसा शहर नहीं है, जो चोरों से सुरक्षित है। चोरी की घटनाओं की एक तरह से बाढ़ सी आ गई है। एक तरह से चोर मस्त हैं तो दूसरी तरफ पुलिस पस्त है। चोर हर रोज चोरी के नए-नए तरीके ईजाद कर रहे हैं और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। चोरों ने वर्तमान में सूने मकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। आप एक-दो दिन के लिए घर में ताला बंद कर कहीं गए नहीं कि चोरों को इसकी भनक मिल जा रही है।
बिलासपुर की रामा ग्रीन सिटी में एक ही रात चोरों ने तीन घरों को अपना निशाना बनाया और लाखों के कीमती जेवर, कपड़े व नकदी पार कर दिया, लेकिन पुलिस हर बार की तरह इस बार भी हाथ मलती रह गई। चोरों ने सूने मकान को खोजने के लिए हाईटेक तरीका अपना लिया है। इस कार्य में सोशल मीडिया के कुछ प्लेटफार्म उनकी मदद कर रहे हैं। होता यह है कि लोग सोशल मीडिया पर पूरे परिवार के साथ टूर या कहीं अन्यत्र जाने की फोटो या वीडियो अपलोड कर देते हैं जिसकी जानकारी चोरों को आसानी से हो जाती है और वे उन घरों को अपना निशाना बनाने में कामयाब हो जाते हैं। कुछ लोग अपने घर में आने-जाने के रास्ते सहित कक्ष के डेकोरेशन की वीडियो या फोटो भी अप लोड कर देते हैं, जिससे चोरों को घरों के सामान के लोकेशन की भी जानकारी प्राप्त हो जाती है। दूसरी ओर कई पॉश कॉलोनियों में सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था नहीं है और न ही सुरक्षा के माकूल इंतजाम हैं। कॉलोनियों में लोगों अपने घरों में साफ-सफाई के लिए बिना पुलिस वैरीफिकेशन के ही नौकर-चाकर रख लेते हैं जो आगे चलकर चोरी आदि की घटनाओं को अंजाम देते हैं। इतना ही नहीं, घरों में काम करने वाली बाई भी चोरों को लोगों के बाहर जाने या आने-जाने के समय की जानकारी उपलब्ध करा देती हैं, जिससे वे अपने कार्य में सफल हो जाते हैं।
चोरी की घटनाओं में इजाफा होने के पीछे प्रमुख कारण चोरों में पुलिसिया वर्दी का खौफ न होना भी है। पुलिसकर्मियों की ड्यूटी प्राय: चौक-चौराहों पर लगती है, लेकिन वे सुरक्षा-चौकसी पर कम ध्यान देते हैं। उनका ध्यान आने-जाने वाले भारी वाहनों के चालकों से वसूली पर ही लगी रहती है। पॉश कॉलोनियों व बस्तियों में ड्यूटी न लगने से चोरों का मनोबल बढ़ा रहता है। यदि कोई मकान सूना पड़ा है, घर में बाहर से ताला लगा है तो चोरों के लिए यह सोने पर सुहागा ही साबित होता है। बहरहाल, चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन को मुस्तैदी के साथ अपनी गश्ती बढ़ानी होगी। चोरों में वर्दी का खौफ कायम करना होगा, ताकि चोरी की घटनाएं रुक सकें।


बड़ी खबरें

View All

रायपुर

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग