
राजधानी में बढ़ीं हत्याएं और ठगी, जिले में 90 मर्डर
राजधानी सहित पूरे जिले में अलग-अलग मामलों में दर्ज होने वाली एफआईआर की संख्या में कमी आई है, लेकिन हत्याओं जैसी वारदातें बढ़ी हैं। वर्ष 2024 में जिले के सभी थानों में कुल 17 हजार 703 मामले दर्ज हुए थे, जबकि वर्ष 2025 में कुल 15 हजार 885 केस दर्ज हुए हैं। गत वर्ष की तुलना में 1818 एफआईआर कम हुई हैं। दूसरी ओर हत्या जैसे गंभीर मामलों में बढा़ेत्तरी हुई है। वर्ष 2024 में मर्डर के 78 मामले दर्ज हुए थे, जो 2025 में 90 हो गए। दूसरी ओर नारकोटिक एक्ट के तहत 445 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
रायपुर एसएसपी डॉक्टर लाल उमेद सिंह ने साल भर में दर्ज मामलों की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में चोरी-लूट के मामलों में भी गत वर्ष की तुलना में कमी आई है। वर्ष 2024 में लूट के 73 मामले थे, 2025 में 71 मामले दर्ज हुए। इनमें 2.74 प्रतिशत की कमी आई है। वर्ष 2024 में चोरी के 1497 दर्ज हुए थे। वर्ष 2025 में 1442 प्रकरण दर्ज हुए हैं।
शहर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने विशेष अभियान चलाया है। इसके तहत नारकोटिक एक्ट के कुल 271 केस दर्ज हुए थे, जिसमें से 445 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से 2 करोड़ 78 लाख 39 हजार 615 के मादक पदार्थ, मोबाइल, गाड़ी सहित अन्य सामान जब्त किया गया है। बलवा के मामले 2024 में 87 थे, जो इस बार 82 दर्ज हुए। धोखाधड़ी के मामले में 292 एफआईआर हुई, जबकि वर्ष 2024 में 250 थी। पुलिस ने ऑपरेशन निश्चय के तहत 13 ड्रग्स कार्टल का खुलासा किया है। ये हेरोइन, एमडीएमए, ब्राउन शुगर जैसी ड्र्रग्स की तस्करी से जुड़े थे। 40 आरोपियों के खिलाफ पिट नारकोटिक के तहत कार्रवाई के लिए कमिश्नर को लिखा गया है।
शहर में चाकूबाजी के 100 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। हालांकि पुलिस ने हत्या के प्रयास के तहत 97 केस ही दर्ज किया है। डकैती की 7 घटनाएं हुई हैं।
Published on:
05 Jan 2026 12:57 am
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