22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अब श्रमिकों की 21 वर्ष तक की बेटियों को मिलेंगे 20-20 हजार रुपए

राज्य सरकार के एक नियम से श्रमिकों की बेटियों को सहायता राशि मिलने में दिक्कत आ रही थी। पत्रिका ने परेशानी की खबर प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद सरकार ने अपनी पाॅलिटी में बदलाव किया। इससे 11 लाख से अधिक पंजीकृत श्रमिकों को लाभ मिलेगा।

less than 1 minute read
Google source verification
Patrika Logo

पत्रिका लोगो

रायपुर. राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री (CM) नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना में उम्र के बंधन में अहम बदलाव किया है। अब एेसे श्रमिक जिनके दो बेटियों की आय़ु सीमा 18 से 21 वर्ष है, उन्होंने योजना के तहत 20-20 हजार रुपए की एकमुश्त सहायता राशि मिलेगी। इससे पहले आयु सीमा न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 18 वर्ष छह महीने रखी गई थी। इससे होने वाली परेशानी को पत्रिका (patrika) ने प्रमुखता से उठाया। इसके बाद सरकार ने अपनी पॉलिसी में अहम बदलाव किया है। इससे पंजीकृत 11 लाख से अधिक श्रमिकों (workers) को लाभ होगा।
दरअसल, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (cm bhupesh baghel) ने 26 जनवरी 2022 को इस योजना की घोषणा की थी। इसमें पंजीकृत श्रमिकों की दो बच्चियों को 20-20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जानी थी। इसके लिए न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष और अधिकतम आयु सीमा 18 वर्ष छह महीने रखी गई है। इसकी वजह से बहुत से श्रमिक योजना का लाभ लेने से वंचित है। इस योजना के लिए लगभग 1979 आवेदन आए जिनमें से केवल 148 बेटियों को योजना का लाभ दिया जा सका है। 10 प्रतिशत से भी कम लाभार्थी अनुपात के पीछे सबसे बड़ा कारण आयु बंधन को माना जा रहा है। पत्रिका की खबर के बाद आयु सीमा को 21 वर्ष तक के लिए बढ़ा दिया गया है।
यह है पात्रता
बेटियां 10वीं की परीक्षा में उत्तीर्ण होना चाहिए। इसके अलावा श्रमिक के माता-पिता या दोनों कम से कम एक साल से छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत होना चाहिए। साथ ही हितग्राही गत वर्ष कम से कम 90 दिवस निर्माण श्रमिक के रूप में कार्यरत रहा हो। वहीं यदि श्रमिक की बेटियों का श्रम विभाग के किसी भी मंडल में पंजीयन होगा, तो वो इस सहायता के लिए पात्र नहीं होंगी।