7 नवंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

धान खरीदी में गड़बड़ी! तीन केंद्रों में नहीं हुआ ऑनलाइन भौतिक सत्यापन, कलेक्टर की मॉनिटरिंग, फिर भी चूक कैसे?

CG Paddy Procurement: महासमुंद जिले के बसना ब्लॉक में धान खरीदी केंद्रों के ऑनलाइन भौतिक सत्यापन में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

रायपुर

•

image

Shradha Jaiswal

•

Updated: 22 Jan 2026, 8:52 AM IST

धान खरीदी में गड़बड़ी! तीन केंद्रों में नहीं हुआ ऑनलाइन भौतिक सत्यापन, कलेक्टर की मॉनिटरिंग, फिर भी चूक कैसे?(photo-patrika)

धान खरीदी में गड़बड़ी! तीन केंद्रों में नहीं हुआ ऑनलाइन भौतिक सत्यापन, कलेक्टर की मॉनिटरिंग, फिर भी चूक कैसे?(photo-patrika)

CG Paddy Procurement: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बसना ब्लॉक में धान खरीदी केंद्रों के ऑनलाइन भौतिक सत्यापन में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए नोडल अधिकारी उमेश वर्मा को नोटिस जारी किया था, लेकिन दो दिन बीतने के बावजूद कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है।

CG Paddy Procurement: तीन धान खरीदी केंद्रों में नहीं हुआ ऑनलाइन भौतिक सत्यापन

बसना ब्लॉक के बड़ेडाबा, गढ़फुलझर और हाड़ापथरा धान खरीदी केंद्रों में अब तक ऑनलाइन भौतिक सत्यापन नहीं किए जाने की पुष्टि हुई है। इन तीनों केंद्रों के नोडल अधिकारी उमेश वर्मा हैं, जिनकी जिम्मेदारी होते हुए भी सत्यापन की प्रक्रिया लंबित है।

24 घंटे में जवाब देने के निर्देश, फिर भी चुप्पी

कलेक्टर लंगेह ने 19 जनवरी को नोटिस जारी कर नोडल अधिकारी को 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण निवारण अधिनियम, 1979 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, 21 जनवरी तक भी उमेश वर्मा की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है।

निलंबन की कार्रवाई की संभावना

नोटिस का जवाब नहीं मिलने की स्थिति में नोडल अधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस मामले में कलेक्टर कार्यालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

जिले में 182 धान खरीदी केंद्र, प्रशासन अलर्ट

छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी जिले के 182 केंद्रों पर सुचारू रूप से चल रही है। कलेक्टर स्वयं नियमित निरीक्षण कर खरीदी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं, लेकिन कुछ अधिकारियों की लापरवाही प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है।

ऑनलाइन सत्यापन क्यों है जरूरी

धान खरीदी केंद्रों का ऑनलाइन भौतिक सत्यापन इसलिए आवश्यक है ताकि खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी को रोका जा सके। बिना सत्यापन के खरीदी के आंकड़ों का सही मिलान संभव नहीं है।

तीनों केंद्रों में अब तक की धान खरीदी

बड़ेडाबा धान खरीदी केंद्र में अब तक 39,091 क्विंटल, गढ़फुलझर में 48,716 क्विंटल और हाड़ापथरा केंद्र में 14,460 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज की गई है। हालांकि, इन तीनों केंद्रों पर किए गए खरीदी के वास्तविक आंकड़ों की अंतिम पुष्टि केवल ऑनलाइन भौतिक सत्यापन पूरा होने के बाद ही संभव हो सकेगी।

पहले भी सामने आ चुकी हैं अनियमितताएं

गौरतलब है कि महासमुंद जिले में पूर्व में समय पर सत्यापन न होने के कारण कई धान खरीदी केंद्रों में अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामले सामने आ चुके हैं। इसी को देखते हुए कलेक्टर ने सभी केंद्रों में सख्त निगरानी और प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर का स्पष्ट संदेश- लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर कोताही बरतने वाले अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और कोई भी जिम्मेदार अधिकारी दंड से नहीं बचेगा।