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नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार (आरटीई) योजना के तहत निजी स्कूलों में मिलने वाले 25 प्रतिशत प्रवेश के लिए अब आधार नंबर जरूरी किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। योजना का लाभ लेने वाले बच्चों को आधार नंबर देना होगा या आधार सत्यापन कराना होगा। हालांकि जिन बच्चों के पास अभी आधार नहीं हैं, उन्हें अन्य दस्तावेजों के आधार पर भी योजना का लाभ दिया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार आरटीई योजना के तहत कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों की प्रवेश कक्षा में 25 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश दिया जाता है।
इन बच्चों की फीस की प्रतिपूर्ति केंद्र और राज्य सरकार 60:40 के अनुपात में करती है। अधिसूचना में कहा गया है कि योजना का लाभ लेने वाले बच्चों को आधार नंबर देना होगा या आधार प्रमाणीकरण कराना होगा। जिन बच्चों के पास आधार नहीं है, वे माता-पिता या अभिभावक की सहमति से आधार के लिए आवेदन कर सकते हैं। यदि किसी क्षेत्र में आधार नामांकन केंद्र नहीं है तो विभाग की ओर से सुविधाजनक स्थानों पर आधार नामांकन की व्यवस्था भी की जाएगी।
यदि बच्चे के पास आधार नहीं है तो अस्थायी रूप से इन दस्तावेजों के आधार पर भी योजना का लाभ दिया जा सकता है।
जन्म प्रमाण पत्र
स्कूल का पहचान पत्र
राशन कार्ड
पेंशन कार्ड
सीजीएचएस, ईएसआईसी या अन्य सरकारी स्वास्थ्य कार्ड
विभाग द्वारा मान्य अन्य दस्तावेज
नोट: इन दस्तावेजों की जांच विभाग द्वारा अधिकृत अधिकारी करेंगे
पहचान में समस्या होने पर आईरिस स्कैन, फेस ऑथेंटिकेशन
यदि बायोमेट्रिक या फिंगरप्रिंट से आधार सत्यापन नहीं हो पाता है तो आईरिस स्कैन, फेस ऑथेंटिकेशन या ओटीपी के माध्यम से भी सत्यापन किया जा सकेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आधार न होने की स्थिति में भी किसी बच्चे को आरटीई योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में अन्य दस्तावेजों के आधार पर लाभ दिया जाएगा और उसका अलग रिकॉर्ड रखा जाएगा।
Updated on:
16 Mar 2026, 3:53 PM IST
Published on:
15 Mar 2026, 11:39 PM IST
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