ताबीर हुसैन @ रायपुर. मैंने अपनी जर्नी विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म 1942 ए लव स्टोरी से शुरू की। फिर म्यूजिक एल्बम का फेज चला तो उसमें काम किया। टीवी शो भी प्रोड्यूस किया लेकिन मुझे जब यह अहसास हुआ कि मैं तो फिल्मों के लिए आई हूं। तब मैं टीवी छोड़ फिल्म मेकिंग में आ गई। जी वालों ने सेटेलाइट फिल्म के लिए एप्रोच किया है। अगला प्रोजेक्ट बतौर प्रोड्यूसर वही रहेगा। यह बताया राजकुमार राव मेरी शादी में जरूर आना और मिडिल क्लास लव की डायरेक्टर रत्ना सिन्हा ने। वे अपकमिंग प्रोजेक्ट के सिलसिले में रायपुर आईं हैं। इस दौरान पत्रिका से खास बातचीत में फिल्मी सफर को साझा किया।
दो महीने में किया था पैकअप
मेरी शादी में जरूर आना के लिए जब हमने राजकुमार राव को एप्रोच किया तो वे दूसरी शूटिंग में व्यस्त थे। लेकिन मैंने तय कर लिया था कि यह फिल्म राव को लेकर ही करनी है। एक दिन अचानक दरवाजे की घंटी बजी। बाहर देखा तो राव खड़े थे। उनके शेड्यूल को ध्यान में रखते हुए हमने गर्मी में ही दो महीने में शूट पूरा कर लिया।
अच्छी फिल्म हर कोई देखेगा
एक सवाल पर बोलीं- ऑडियंस ट्रेलर देखकर ही डिसाइड कर लेती है कि फिल्म देखना है या नहीं। हालांकि थिएटर जाने वालों की संख्या घटी है लेकिन दर्शक अच्छी फिल्म देखने जाते हैं। इसके पीछे एक वजह ओटीटी भी है। इसके अलावा टीवी पर भी फिल्म आ जाती है। लेकिन जब फिल्में बनेंगी ही नहीं तो न तो ओटीटी पर आएगी न टीवी पर। इसलिए थिएटर में दर्शकों की मौजूदगी बहुत जरूरी है।