
कमल फूल के बिना अधूरी होती है मां लक्ष्मी की पूजा, पढ़ें क्यों बढ़ जाती है दिवाली पर इसकी डिमांड
रायपुर. धनतेरस के साथ ही दिवाली के त्यौहार की धूम शुरू हो चुकी है। शुक्रवार को धूमधाम से देशभर में धनतेरस मनाया गया। इसके दूसरे दिन शनिवार 26 अक्टूबर को नरक चतुर्दशी मनाई जाएगी। 27 अक्टूबर को लोग धूमधाम से दीपावली यानि लक्ष्मी पूजा का त्यौहार मनाएंगे।
लक्ष्मी पूजा के दौरान मां लक्ष्मी को चढ़ाने के लिए बहुत सारे फूल का इस्तेमाल किया जाता है। पर इस दिन बाकी फूलों से ज्यादा कमल के फूल का महत्व होता है। पर क्या आप ये जानते हैं कि लक्ष्मी पूजा पर कमल के फूल को बाकी फूलों से खास क्यों माना जाता है।
पुराणों के अनुसार मां लक्ष्मी का एक नाम कमला या कमलासना भी है, जिसका मतलब है कमल के ऊपर विराजमान होने वाली। कमल की खुबी मानी जाती है कि वह कीचड़ में खिलने के बाद भी वह कीचड़ में लिप्त नहीं होता है। इसलिए माना जाता है कि जो भी लक्ष्मी पूजा के दिन मां लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करता है, वह भी संसार की बुराईयों में लिप्त नहीं होता।
इसके अलावा यह भी मान्यता है कि कमल के फूल में नाकारात्मक शक्तियों को दूर करने की ताकत होती है। इसलिए इसे दिवाली पर मां लक्ष्मी को अर्पित किया जाता है जिससे बुरी शक्तियां घर में प्रवेश नहीं करती है।
दिवाली के दौरान कमल फूल की डिमांड बढ़ जाती है। इस समय राजधानी रायपुर में एक कमल फूल 10 रुपए से 15 रुपए के बीच बिक रही है। कमल फूल उगाने वाले किसानों ने बताया कि साल में दो बार कमल के फूल की खेती की जाती है।
किसानों के अनुसार बारिश के दौरान कमल के फूलों को नुकसान पहुंचता है और छत्तीसगढ़ में मानसून खत्म होने के बाद भी लगातार बारिश जारी है। जिसके कारण कमल के फूल को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा इस साल मानसून के देर से आने के कारण भी कमल फूल की खेती को नुकसान पहुंचा था।
Published on:
26 Oct 2019 09:20 am
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