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CG में किसानों को सूखे पर राहत नहीं, 55 लाख स्मार्ट फोन बांटने 1200 करोड़ मंजूर

कैबिनेट बैठक में सूखे के हालात पर लंबी चर्चा हुई। प्रदेश की 54 तहसीलों में 70 फीसदी से कम बारिश हुई है। कई स्थानों पर पेयजल का संकट भी गहरा सकता है।

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किसानों को सूखे पर राहत नहीं, 55 लाख स्मार्ट फोन बांटने 1200 करोड़ मंजूर

रायपुर. मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में संचार क्रांति योजना (स्काई) को मंजूरी दी गई। इसके तहत दो चरण में 55 लाख से अधिक स्मार्ट फोन का वितरण किया जाएगा। इसमें 12 सौ करोड़ रुपए खर्च होंगे। हालांकि बैठक में प्रदेश में सूखे के हालात पर भी लंबी चर्चा हुई।

राजस्व मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने इस बात को स्वीकार किया है कि प्रदेश की 54 तहसीलों में 70 फीसदी से कम बारिश हुई है। कई स्थानों पर पेयजल का संकट भी गहरा सकता है। बैठक में सूखा प्रभावित किसानों को तत्काल राहत देने के लिए कोई बड़ा फैसला तो नहीं हुआ, लेकिन मुख्यमंत्री ने प्रभारी मंत्रियों और प्रभारी सचिवों को जिलों में बैठककर सभी विभागों के समन्वय से राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। मंत्री अपनी रिपोर्ट अगली कैबिनेट की बैठक में रखेंगे।

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल ने बताया कि किसानों के प्रति सरकार संवेदनशील है। प्रभारी मंत्री सभी जिलों में जाकर सूखे की समीक्षा करेंगे। इस बात का भी ख्याल रखा जाएगा कि सूखे की वजह से पलायन न हो। सितम्बर में फसल उत्पादन के लिए भी राहत देने का काम होगा।

1 हजार से अधिक जनसंख्या वाले गांवों में बांटेंगे स्मार्ट फोन
मंत्री अग्रवाल ने बताया कि डिजिटल इंडिया और कैशलेस इकॉनोमी को बढ़ावा देने स्मार्ट फोन का वितरण होगा। योजना के क्रियान्वन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी। टेण्डर की प्रक्रिया पूरी कर मार्च से इसका वितरण किया जाएगा। 2017-18 में 50.8 लाख और 2018-19 में 4.5 लाख परिवारों को स्मार्ट फोन दिया जाएगा। इसे 1 हजार से अधिक जनसंख्या वाले शहरी गरीब परिवारों, कॉलेज के युवाओं और महिलाओं का दिया जाएगा। नेटवर्क सुविधा के विस्तार के लिए टॉवर लगाने के लिए शासकीय भवनों की छत नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

गौशाला की व्यवस्था सुधारने उप समिति गठित
कैबिनेट की बैठक में गायों की मौत का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। मौजूदा हालात को लेकर मंत्रिमंडल के सदस्यों ने भी अपनी आपत्ति जताई। बैठक में फैसला लिया गया है कि प्रदेश में गौ शालाओं की व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए मंत्रिमंडलीय उप समिति का गठन किया जाए। इस उप समिति में मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, मंत्री अजय चन्द्राकर, मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय और मंत्री अमर अग्रवाल को रखा गया है।