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रात में इमरजेंसी ड्यूटी से डॉक्टर गायब, भोर में मरीज की मौत, मचाया हंगामा

जिला अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी से डॉक्टर के नदारद रहने व सही समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण शनिवार अलसुबह मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया।

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रात में इमरजेंसी ड्यूटी से डॉक्टर गायब, भोर में मरीज की मौत, मचाया हंगामा

रात में इमरजेंसी ड्यूटी से डॉक्टर गायब, भोर में मरीज की मौत, मचाया हंगामा

raipur/बैकुंठपुर. जिला अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी से डॉक्टर के नदारद रहने व सही समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण शनिवार अलसुबह मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। जानकारी मिलने के बाद बैकुंठपुर विधायक सुबह अस्पताल पहुंची और सिविल सर्जन सहित डॉक्टरों को फटकार लगाईं। वहीं सीएमएचओ ने सिविल सर्जन व मेडिसीन विशेषज्ञ को नोटिस जारी कर तत्काल मरीज के इलाज की पूरी फाइल और शिकायत की जांच रिपोर्ट मांगी है।
मृतक के भाई संतोष कुमार कुंभकार के अनुसार मनेन्द्रगढ़ निवासी पवन कुंभकार(45) की तबीयत खराब होने पर 24 अप्रैल की रात को झगराखांड़ रोड स्थित एक नर्सिंग होम पहुंचे। नर्सिंग होम संचालक ने इलाज करने से इनकार कर दिया। आनन-फानन में स्वास्थ्य केंद्र मनेंद्रगढ़ में भर्ती कराए।

यहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। रात करीब 10 बजे एंबुलेंस से जिला अस्पताल बैकुंठपुर पहुंचे। लेकिन रात्रिकालीन ड्यूटी से डॉक्टर गायब थे। नर्सिंग स्टाफ से फोन लगवाने, कॉल मेमो लेकर डॉक्टर के घर तक पहुंचाने के बाद भी कोई डॉक्टर नहीं पहुंचे।

निराश होकर पुत्र हर्ष कुंभकार रात करीब 10.45 बजे सिविल सर्जन डॉ. एसके गुप्ता के निवास पहुंचकर मरीज को देखने की विनती की, लेकिन अभद्र व्यवहार कर भगा दिया और बोला कि मेरे घर आने की तुम्हारी इतनी हिम्मत कैसी हुई। गिड़गिड़ाने, बिलखने और विनती के बाद सिविल सर्जन ने एक पर्ची में दवाइयां लिख दी और सख्त हिदायत देकर बोला-दोबारा रात में मत आना।

रात में पर्ची में लिखी दवाइयां नर्सिंग स्टाफ ने जैसे-तैसे दी। लेकिन डॉक्टर के नहीं आने व समय पर समुचित इलाज नहीं मिलने के कारण भोर में करीब 4 बजे मरीज की मौत हो गई। मामले में सिविल सर्जन डॉ एसके गुप्ता, मेडिसीन विशेषज्ञ डॉ एके सिंह के खिलाफ इलाज में लापरवाही बरतने की शिकायत दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने गुहार लगाई गई है
मौत के बाद परिजनों ने सीएस चेंबर में मचाया हंगामा
अस्पताल में समुचित इलाज नहीं होने के कारण मरीज की मौत के बाद सुबह परिजन सिविल सर्जन के चेंबर में पहुंचे। और रोते-बिलखते जमकर भड़ास निकाली और हंगामा कर दिया। परिजन सिविल सर्जन के पास पहुंचकर हाथापाई करने की कोशिश करने लगे, लेकिन गार्ड ने बीच बचाव कर चेंबर से उन्हें बाहर निकाल दिया। मामले की जानकारी मिलने के बाद विधायक सिंहदेव सुबह जिला अस्पताल पहुंची और सीएमएचओ, सीएस, डॉ एके सिंह को मौके पर बुलाया।

इस दौरान सीएस डॉ. गुप्ता ने अपने स्वास्थ्य खराब की जानकारी दी। जिससे नाराज विधायक सिंहदेव ने तबीयत खराब की पूरी स्थिति शासन को लिखकर देने कहा। वहीं मरीज को बिना देखे रेफर करने पर नाराजगी जताई और सीएमएचओ डॉ. रामेश्वर शर्मा को मामले में कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

- गंभीर हालत में मरीज को लाया गया था। नेत्र विशेषज्ञ ड्यूटी पर तैनात थे। केस उनके बस का नहीं था। जिससे डॉक्टर्स को बुलाया गया, लेकिन वे नहीं पहुंचे। लापरवाही पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
अंबिका सिंहदेव, विधायक बैकुंठपुर

- डॉक्टर्स द्वारा फोन नहीं उठाना, किसी प्रकार का रिस्पांडस नहीं करना है। ये बड़ी लापरवाही है। सीएस की रिपोर्ट के बाद लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ रामेश्वर शर्मा, सीएमएचओ

- मै स्वयं बीमार हूं। जिस डॉक्टर को बुलाया गया था, उन पर कई बार अनदेखी करने के मामले सामने आ चुके है। मरीज का एंजियोप्लास्टिक हो चुका था। बैकुंठपुर आने पर उनका बीपी बढ़ गया था। दवाइयां दी गई थी। इतने बीपी में ब्र्रेन हेमरेज होने की पूरी संभावना है।
डॉ एसके गुप्ता, सीएस, जिला अस्पताल बैकुंठपुर