5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कसता शिकंजा: अघोषित संपत्तियों की ‘नींव’ खोद रही ED, अफसरों और कारोबारियों की संपत्ति का ले रहें हिसाब

Chhattisgarh: पंजीयन विभाग के पास गोपनीय पत्र भेजे जा रहे हैं। बीते छह माह से प्रदेश के कई कारोबारी और आईएएस ED की रडार पर हैं। पूछताछ और जांच में उनकी चल-अचल संपत्तियों की जानकारी सामने आई है। ईडी ने पंजीयन विभाग से अब 150 संपत्तियों की खरीद-फरोख्त की जानकारी मांगी है। इसके लिए 49 पत्र रायपुर पंजीयन कार्यालय को भेजे गए हैं।

2 min read
Google source verification
,

file photo

छत्तीसगढ़ में अफसरों और कारोबारियों की आय से अधिक संपत्ति के मामले में ईडी का शिकंजा कसता जा रहा है। ईडी ने पंजीयन विभाग से अब 150 संपत्तियों की खरीद-फरोख्त की जानकारी मांगी है। इसके लिए 49 पत्र रायपुर पंजीयन कार्यालय को भेजे गए हैं। बता दें कि जिन अधिकारियों और कारोबारियों के ठिकानों पर छापा मार कार्रवाई की गई थी, उनमें मिले दस्तावेजों में जिन अचल संपत्तियों के इनपुट मिले थे, उन्हीं की जानकारी मांगी जा रही है। ईडी करीब 96 प्रतिशत दस्तावेज पंजीयन कार्यालय से ले जा चुकी है।

बीते एक माह से अलग-अलग जमीन और मकानों की जानकारी मांगने के लिए पत्राचार किया जा रहा है। रायपुर के अलावा कोरबा, बिलासपुर और महासमुंद पंजीयन कार्यालय में भी जानकारी के लिए पत्र पहुंच रहे हैं। ईडी की ओर से जल्द से जल्द जानकारी देने के लिए महापंजीयक को कहा है। पंजीयन विभाग के पास गोपनीय पत्र भेजे जा रहे हैं। बीते छह माह से प्रदेश के कई कारोबारी और आईएएस ईडी की रडार पर हैं। पूछताछ और जांच में उनकी चल-अचल संपत्तियों की जानकारी सामने आई है।

ED का पत्र मिलने के बाद पंजीयन कार्यालयों में हलचल मच गई है। अधिकारी रोज के काम से समय निकाल कर ED को जानकारी भेजने के लिए रेकार्ड खंगाल रहे हैं। बता दें कि इसके लिए रायपुर पंजीयक कार्यालय में एक उप पंजीयक को रेकार्ड रूम से जानकारी एकत्रित करने के लिए लगाया गया है। ईडी को कुछ प्रकरणों की जानकारी भेजी जा चुकी है। पंजीयन कार्यालय के अधिकारी ईडी नाम सुनते ही सकते में आ गए हैं। इसलिए इस मसले पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

जमीन-मकान की खरीदी में कच्चे और पक्के का खेल

जमीन-मकान की खरीदी में कच्चे-पक्के का बड़ा खेल चला है। अब ईडी उक्त संपत्तियों के बाजार मूल्य व कलेक्टर गाइडलाइन दर के बीच के अंतर के दर की भी जानकारी जुटा रही है।