2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चुनाव आयोग दे रहा छत्तीसगढ़ के चुनाव अधिकारियों को प्रशिक्षण

प्रशिक्षण का उद्देश्य विशेष रूप से मतदाता पंजीकरण, प्रपत्र निगरानी और चुनावी प्रक्रियाओं के क्षेत्र स्तरीय कार्यान्वयन के क्षेत्रों में प्रतिभागियों के व्यावहारिक ज्ञान में वृद्धि करना है

2 min read
Google source verification
CEC Gyanesh Kumar

सीईसी ज्ञानेश कुमार @PIB

चुनाव आयोग ने छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) सहित 4 राज्यों के 373 जमीनी स्तर के चुनाव अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू किया। नई दिल्ली स्थित भारतीय अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं चुनाव प्रबंधन संस्थान (आईआईआईडीईएम) में बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) पर्यवेक्षकों के लिए प्रशिक्षण का आठवां बैच 29 मई को शुरू हुआ। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने छत्तीसगढ़, हरियाणा, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बीएलओ (BLO), बीएलओ पर्यवेक्षकों, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों सहित प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रतिभागियों को संबोधित किया। आईआईआईडीईएम (IIIDEM) में प्रशिक्षित होने वाले जमीनी स्तर के चुनाव अधिकारियों का अब तक का सबसे बड़ा बैच है। इसमें उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) से 118, मध्य प्रदेश से 130, छत्तीसगढ़ से 96 और हरियाणा (Haryana) से 29 प्रतिभागी सम्मिलित हैं। इसके साथ ही, पिछले दो महीनों में चुनाव आयोग द्वारा नई दिल्ली (New Delhi) में 3720 से अधिक जमीनी अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया है।

यह भी पढ़ें: द केरला स्टोरी फेम AdahSharma ने छत्तीसगढ़ी सॉन्गरइपुर के गोल बाजार पर बनाई रील

सीईसी ज्ञानेश कुमार (CEC Gyanesh Kumar) ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, 1951, मतदाता पंजीकरण नियम 1960, चुनाव संचालन नियम, 1961 और चुनाव आयोग (Election Commission of India) द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुसार चुनावों का संचालन सुनिश्चित करने के लिए ये प्रशिक्षण कार्यक्रम आवश्यक हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) ने यह भी रेखांकित किया कि प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागी आरपी अधिनियम 1950 की धारा 24 (ए) के तहत डीएम/ जिला कलेक्टर/ कार्यकारी मजिस्ट्रेट और धारा 24 (बी) के तहत राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) के साथ प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची (Voter List) के खिलाफ पहली और दूसरी अपील के प्रावधानों से स्वयं को लैस करेंगे। उन्होंने बीएलओ और बीएलओ पर्यवेक्षकों (BLO Observers) को अपने क्षेत्र स्तर के सत्यापन के दौरान मतदाताओं को इन प्रावधानों से अवगत कराने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

यह भी पढ़ें: 'जल है तो कल है' के लिए 'कल किसने देखा' की सोच घातक

बता दें कि विशेष सारांश पुनरीक्षण (एसएसआर) प्रक्रिया पूरी होने के बाद 6-10 जनवरी 2025 तक छत्तीसगढ़, हरियाणा, मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) और उत्तर प्रदेश से कोई अपील दायर नहीं की गई थी। प्रशिक्षण का उद्देश्य विशेष रूप से मतदाता पंजीकरण, प्रपत्र निगरानी और चुनावी प्रक्रियाओं के क्षेत्र-स्तरीय कार्यान्वयन के क्षेत्रों में प्रतिभागियों के व्यावहारिक ज्ञान में वृद्धि करना है। प्रतिभागियों को आईटी उपकरणों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके साथ ही अधिकारियों को चुनाव का पूर्वाभ्यास सहित ईवीएम (EVM) और वीवीपैट (VVPAT) का तकनीकी प्रदर्शन और प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें: एबीवीपी की केंद्रीय कार्यसमिति एवं आयाम बैठक रायपुर में