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कोयले के करंट से बिजली महंगी, 100 यूनिट पर 49 रुपए अधिक चुकाने होंगे

- वीसीए चार्ज बढ़ने 100 यूनिट बिजली बिल का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ता को 49 रुपए, 200 यूनिट बिजली बिल इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ता को 98 रुपए और 400 यूनिट बिजली बिल इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ता को 196 रुपए अतिरिक्त देना होगा।

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Electricity bill, false billing, energy minister pradhumn sing tomar

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रायपुर/ कोरबा. कोयले के रेट में बार-बार बदलाव की वजह से बिजली कंपनी ने हर यूनिट पर वेरियबल कास्ट एडजस्टमेंट (वीसीए) 61 पैसे से बढ़ाकर 1.10 रुपए प्रति यूनिट कर दिया है। अर्थात हर यूनिट पर 49 पैसे की वृद्धि हो रही है। बिजली कंपनी हर दो माह में वीसीए रिवाइज करती है, अर्थात यह वृद्धि जनवरी माह से लागू होगी और आगामी दो माह तक रहेगी। वीसीए चार्ज बढ़ने 100 यूनिट बिजली बिल का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ता को 49 रुपए, 200 यूनिट बिजली बिल इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ता को 98 रुपए और 400 यूनिट बिजली बिल इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ता को 196 रुपए अतिरिक्त देना होगा। जनवरी माह से लागू होने वाले इस बिल ने उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। नई दर से बिजली कंपनी जनवरी से शुल्क वसूलेगी।

चौथी बार बढ़ी वीसीए दर
वीसीए इस साल चौथी बार बढ़ाया गया है। पहली बार 19 पैसे, दूसरी बार 42 पैसे, तीसरी बार, 61 पैसे रखा। चौथी बार अधिकारियों ने दर बदली और उसे 1.10 निर्धारित किया है।

एक तरफ एनटीपीसी विदेशी कोयले की वजह से महंगी बिजली बना रहा है तो दूसरी तरफ उत्पादन कंपनी के संयंत्र स्थानीय कोयले पर निर्भर है। बिजली बनाने की लागत में कंपनी के संयंत्र लगातार कम कर रहे हैं। वर्तमान में अनुमानित लागत की तुलना में 26 करोड़ की कम लागत से बिजली बना रहे हैं।

वीसीए चार्ज को ऐसे समझें
बिजली कंपनी के कुल खर्च का 75 से 80% हिस्सा बिजली खरीदी का है। यह खर्चा बिजली बनाने में जरूरी कोयले के रेट में कमी-वृद्धि के अनुसार घटता बढ़ता है। बिजली का टैरिफ वित्तीय साल शुरू होने से पहले राज्य विद्युत विनियामक आयोग तय करता है। उसके बाद अगर कोयले के रेट में अंतर आया, खासकर कमी आई तो इसे बिजली के रेट में जो चार्ज लगाकर बैलेंस किया जाता है, उसे वीसीए चार्ज (वेरिएबल कास्ट एडजस्टमेंट) कहते हैं। अच्छी बात ये है कि यह हर दो महीने में बदलता है, अर्थात वीसीए चार्ज के कारण बिजली का महंगी होना अस्थायी है। लागत घटी तो कंपनी वीसीए चार्ज खुद ही कम कर देती है।

विदेशी कोयले के कारण बिजली महंगी
दरअसल बीते छह महीने से एनटीपीसी विदेशी कोयले पर निर्भर है। विदेशी कोयला महंगा होने की वजह से बिजली बनने की लागत बढ़ रही है। डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी एनटीपीसी से बिजली खरीदती है। एनटीपीसी से कंपनी को अधिक दर पर बिजली खरीदनी पड़ रही है। अगस्त और सितंबर में विद्युत नियामक आयोग द्वारा अनुमोदित दर की तुलना में459 करोड़ रुपए एनटीपीसी को देना पड़ा है।

विदेशी कोयले की वजह से एनटीपीसी की बिजली की लागत बढ़ गई है। इसका दबाव कंपनी पर है। इसे देखते हुए आगामी दो माह के लिए वीसीए चार्ज में 49 पैसे प्रति यूनिट बढ़ाया गया है।
- मनोज खरे, एमडी, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी


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