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2 साल में हर घर नहीं पहुंचा निगम का पानी, टैंकर मुक्त शहर का वादा, लेकिन गर्मियों के लिए अभी से 50 लाख के टैंकर का टेंडर

Raipur Nagar nigam News: अमृत मिशन और 1 लाख से अधिक घरों में 24 घंटे पानी सप्लाई योजना की शुरूआत के बाद भी नगर-निगम को गर्मियों में पानी सप्लाई के लिए टैंकर और ट्रैक्टरों के लिए अभी से टेंडर जारी करना पड़ रहा है।

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लॉकडाउन के बाद शहर की सफाई व्यवस्था जस की तस, नहीं हो रही नियमित सफाई

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रायपुर. Raipur Nagar nigam News: अमृत मिशन (Amrit Missoin) और 1 लाख से अधिक घरों में 24 घंटे पानी सप्लाई योजना की शुरूआत के बाद भी नगर-निगम को गर्मियों में पानी सप्लाई के लिए टैंकर और ट्रैक्टरों के लिए अभी से टेंडर जारी करना पड़ रहा है। यह स्थिति तब है जब नगर-निगम के पास पानी सप्लाई के लिए दो दर्जन से अधिक गाडिय़ां हैं। पानी सप्लाई के लिए पूरी प्रक्रिया में 50 लाख का बजट रखा गया है।

इस पूरे मामले में विपक्ष में नगर-निगम की कार्यप्रणाली और निगम बजट के दुरूपयोग का आरोप लगाया है। भाजपा पार्षदों का कहना है कि अमृत मिशन योजना में काफी लेटलतीफी देखी जा रही है। नगर-निगम ने वर्ष 2021 में सबसे कम टैंकर खपत का ढिंढोरा पीटा था, लेकिन 2022 के लिए फिर से टेंडर की नौबत क्यों आ रही है। आखिरकार निगम की गाडिय़ों का उपयोग क्यों नहीं किया जाता है। निगम के पास हर जोन में 3-4 गाडिय़ां है।

अमृत मिशन अभी भी पीछे
सूत्रों के मुताबिक अमृत मिशन योजना के अंर्तगत हर घर जल के लिए अभी भी निगम तय लक्ष्य से काफी पीछे चल रहा है। 24 घंटे पानी का वादा सिर्फ कागजों में दिखाई देता है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि करोड़ों खर्च करने के बाद राजधानी के एक भी घर में 24 घंटे नल-जल योजना को पूरा नहीं किया जा सका है। 24 घंटे पानी सप्लाई के लिए स्मार्ट सिटी के एबीडी एरिया में तीन साल पहले टेंडर जारी किया गया था।

24 घंटे पानी और स्मार्ट मीटर भी गायब
स्मार्ट सिटी ने 24 घंटे पानी प्रोजेक्ट अंर्तगत 73.64 करोड़ की लागत से एबीडी एरिया सहित 5.1 एमएलडी मोतीबाग और 3.4 एमएलडी गंज एरिया में लगातार पानी सप्लाई की योजना बनाई गई थी। पहले चरण में 164 किलोमीटर परियोजना क्षेत्र में हफ्ते के सातों दिन पूरे साल 24 घंटे पानी सप्लाई करने के लिए 18 महीने में प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। स्मार्ट सिटी का दावा था कि 24 घंटे पानी सप्लाई में पानी की खपत में 30 फीसदी तक की कमी आएगी, लेकिन धरातल पर यह योजना नजर नहीं आ रही।

नगर-निगम प्रभारी आयुक्त अभिषेक अग्रवाल ने कहा, गर्मियों के सीजन में विषम परिस्थिति और अचानक मांग आने पर टैंकरों के लिए टेंडर किया जाता रहा है। तब समय और परिस्थिति के मुताबिक टैंकर की जरूरत पड़ने पर ही भुगतान किया जाएगा।

नगर-निगम पूर्व नेता प्रतिपक्ष सूर्यकांत राठौड़ ने कहा, भ्रष्टाचार और कमाई के लिए यह टेंडर जारी किया गया है। निगम के पास दर्जनों टैंकर पड़े हैं। एक तरफ निगम टैंकर मुक्त शहर का वादा करते हैं तो दूसरी तरफ अभी से भ्रष्टाचार के उपाय ढूंढे जा रहे हैं। आखिरकार अमृत मिशन और 24 घंटे पानी सप्लाई का क्या हुआ।

निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल कई
1. हर घर जल और अमृत मिशन योजना में लेटलतीफी
2. 24 घंटे पानी का वादा एक भी घर में नहीं हो सका पूरा
3. निगम के पास गाडिय़ां, लेकिन पर्याप्त मैनेजमेंट नहीं
4. हर साल टैंकरों पर लाखों रुपए खर्च

टेंडर का नाम-गर्मियों में पानी सप्लाई
लागत- 50 लाख
समय-सीमा-12 महीना (अनुबंध के बाद)

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