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बड़ा खुलासा: बीमा भुगतान पर 47 हजार किसानों से धोखा

इससे कहीं अधिक रुपए तो बीमा के प्रीमियम के तौर पर किसानों ने भरे थे

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CG News

बड़ा खुलासा: बीमा भुगतान पर 47 हजार किसानों से धोखा

हेमंत कपूर@दुर्ग. सूखा राहत के बाद अब फसल बीमा में भी किसान छले गए। जिले का सरकारी सर्वे बताता है कि 34244 किसानों की फसल चौपट हुई, जबकि बीमा कंपनी ने केवल 11609 किसानों को बीमा भुगतान जारी किया है। इनमें से किसी को 7 रुपए तो किसी को 100 रुपए का भुगतान स्वीकृत किया गया है। इससे कहीं अधिक रुपए तो बीमा के प्रीमियम के तौर पर किसानों ने भरे थे।

फसल बीमा के क्लेम भुगतान की हकीकत जानने पत्रिका ने पड़ताल की। जब जिले के 11609 किसानों को जारी भुगतान पर नजर दौड़ाई तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। बीमा कंपनी को सरकारी सर्वे के नुकसान के आंकड़े के आधार पर भुगतान की राशि का गणना करना था। इसकी जगह कंपनी ने न सिर्फ किसानों की संख्या कम कर दी, बल्कि नुकसान का आंकड़े में भी मनमानी कर डाले।

इसलिए कह रहे कंपनी ने की मनमानी
सरकारी सर्वे में 34 हजार से ज्यादा किसानों को सूखा प्रभावित माना था। नियम के मुताबिक 33 फीसदी से ज्यादा फसल क्षति पर सूखा माना जाता है। इसका मतलब यह है कि सर्वे में 34 हजार किसानों के कम से कम 33 फीसदी फसल खराब हुई थी। लेकिन बीमा कंपनी केवल 11 हजार किसानों का नुकसान बता रहा है।

47594 किसानों को एक रुपए भी नहीं
सरकारी सर्वे के विपरीत जिले के 47594 किसानों को एक रुपए भी बीमा भुगतान के रूप में नहीं मिला। किसान संगठनों की माने तो सूखा प्रभावित 34 हजार किसानों के साथ शेष 25 हजार में से करीब 50 फीसदी किसानों को भी सूखे के कारण कुछ ना कुछ नुकसान उठाना पड़ा था।

सूखा राहत में इस तरह धोखा
सूखा राहत में भी इस बार किसानों को छल का सामना करना पड़ा। किसानों की माने तो दो साल पहले इससे बेहतर हालात के बाद भी 50 करोड़ से ज्यादा सूखा राहत वितरित किया गया था। इस बार तब की तुलना में आधी बारिश हुई है, इसके बाद भी केवल 25 करोड़ रुपए भुगतान जारी किया गया है। इससे सूखा प्रभावित 75 फीसदी किसान वंचित रह गए हैं।

बीमा भुगतान का मामला शासन स्तर का है। बीमा दावा राशि का निर्धारण स्टेट लेबल कमेटी के माध्यम से किया जाता है। इसलिए स्थानीय स्तर पर इस पर कुछभी कह पाना मुश्किल है। किसानों की मामले में शिकायत पहुंची है। इसे शासन को भेजा जाएगा।
एसके जोशी, सीइओ, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक

पत्रिका के पड़ताल में भुगतान का यह सच
100 रुपए कम
करीब 10 से 12 फीसदी किसानों को
100 से 1000 रुपए के बीच
15 से 20 फीसदी किसानों को
100 से 5000 रुपए तक
30 से 35 फीसदी किसानों को
5000 से 10000 रुपए तक
25 से 30 फीसदी किसानों को
10000 से ऊपर
20 से 25 फीसदी किसानों को

जिले के तीनों ब्लॉक सूखा घोषित किया गया है। इसका मतलब औसत नुकसान 33 फीसदी से ज्यादा है। बीमा भुगतान से सरकारी सर्वे का आंकड़ा मैच नहीं कर रहा है। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में प्रकरण दर्ज कराया जाएगा।
राजकुमार गुप्ता

ऐसे समझें नुकसान को
59203 - किसानों ने कराई थी
फसल बीमा
616 .46 - लाख रुपए जमा हुए थे प्रीमियम के रूप में
116 09 - किसानों को मिलेगा
बीमा लाभ
1302.53 - लाख रुपए होगा किसानों को भुगतान
47599 - किसान रहेंगे बीमा लाभ से वंचित