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त्रुटिसुधार के लिए किसान एसडीएम कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर

locationरायपुरPublished: Feb 04, 2024 06:10:46 pm

Submitted by:

dharmendra ghidode

अंचल के किसानों को अपनी स्वामित्व की जमीन त्रुटि को सुधरवाने के लिए अनुवीभागीय अधिकारी कार्यालय का चक्कर काटना पड़ रहा है। त्रुटि सुधार होने में सालों साल लग जा रहा है। इसके चलते किसान काफी परेशान है।

त्रुटिसुधार के लिए किसान एसडीएम कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर
सुहेला. अंचल के किसानों को अपनी स्वामित्व की जमीन त्रुटि को सुधरवाने के लिए अनुवीभागीय अधिकारी कार्यालय का चक्कर काटना पड़ रहा है। त्रुटि सुधार होने में सालों साल लग जा रहा है। इसके चलते किसान काफी परेशान है। उल्लेखनयी है कि किसानों को रकबा में हुए त्रुटि सुधार के लिए एसडीएम कार्यालय शिमगा में आवेदन लगाना पड़ता है, जिसके चलते किसानों को अपने कामों को छोड़कर पूरे दिनभर के लिए सिमगा जाना पड़ता है।


वहीं आए दिन अनुभवीभागीय अधिकारी के व्यस्त होने या अन्यत्र प्रशासनिक कार्य में चले जाने के कारण अथवा प्रकरण की सुनवाई नहीं होने पर किसानों को पेशी की तारीख दे दी जाती है। जिसके चलते किसानों को हर पेशी में अनुविभागीय अधिकारी के कार्यालय सिमगा जाना पड़ता है। इससे किसानों को आने.जाने में असुविधा तो होती है। वहीं उनका पूरा दिन खराब हो जाता है और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ती है।


भटभेरा के किसान घनश्याम कुमार साहू खसरा नंबर 1721/1 रकबा 0.11 ऋण पुस्तिका पर अंकित है किंतु मौके पर रकबा 0.109 होना चाहिए। जिसकी त्रुटि सुधार के लिए उन्होंने तहसीलदार कार्यालय सुहेला में आए थे। जिसे तहसीलदार द्वारा समझा बुझाकर वापस भेजा गया और उन्हें त्रुटि सुधार के लिए अनुभवीभागीय अधिकारी के कार्यालय में आवेदन देने को कहा गया।

ग्राम जांगड़ा के महेततर, सिनोधा के तिहारू राम, गोरदी के दशरथ साहू, जरौद के राम, श्याम, बिटकुली के सोनित कुमार, आनंद कुमार, रावन के हीरालाल लहरी, खपराडीह लक्ष्मी नाथ बघमार, बिटकुली के घनश्याम, हरिराम झीपन के टॉप लाल, कुथरौद के पूनम राम, खपराडीह के रोहित कुमार बघमार एवं झीपन के चिंताराम वर्मा ने कहा कि वे शासन व प्रशासन से मांग करते हैं कि धारा 114 और 115 की त्रुटी सुधार की शक्ति को पुन: तहसीलदारों को दे दिया जाए। जिससे छोटी-मोटी भू अभिलेख में हुई त्रुटियों को तहसीलदार के द्वारा सुधार कर दिया जाए। जिसके कारण किसानों को परेशानियों का सामना न करना पड़ता है।


गौरतलब है कि बलौदा बाजार जिले में धारा 114 और 115 के लगभग 1117 केस लंबित है। जो केवल ऑनलाइन रिकॉर्ड में दिख रहा है। जबकि आफ लाइन में लंबित मामलों की संख्या अधिक हो सकती है। विकासखंड सिमगा के अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय में लगभग 243 केस भूमि त्रुटि सुधार हेतु लंबित है। जिसमें 48 केस को 3 माह, 77 केस 6 माह, 81 केस 1 वर्ष तक और 37 ऐसे केस हैं जो 1 वर्ष से अधिक समय तक न्यायालय में पेंडिंग है। जबकि नियमानुसार त्रुटि सुधार की केस लगभग 3 महीने में इनकी सुनवाई होकर निपटारा हो जाना चाहिए। किंतु एसडीएम कार्यालय में केस की सुनवाई न होने के कारण केस पेंडिंग बढ़ते चले जा रहे हैं और किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


हमारी शक्तियां छिन गई
इस संबंध में तहसीलदार नीलमणि दुबे ने कहा कि पूर्व में त्रुटि सुधार की शक्तियां हमारे पास थी, तो हमारे द्वारा अधिकतम तीन माह में प्रकरण का निपटारा कर लिया जाता था। किंतु पूर्ववर्ती सरकार के द्वारा हमारी शक्तियों छीन कर अनुविभागीय अधिकारी को दे दिया गया है, जिसके चलते प्रकरण लंबित होते जा रहे हैं। क्योंकि अनुभवीभागीय अधिकारी के पास अधिक शक्तियां निहित है सारे कार्य का उन्हें निरीक्षण, जांच करना पड़ता है और किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा।


प्रतिवेदन नहीं मिलने से प्रकरण लंबित
वहीं अनुविभागी अधिकारी राजस्व अमित गुप्ता ने कहा कि त्रुटि सुधार प्रकरण का निपटारा तीन माह में हो जाना चाहिए। किंतु समय पर जांच, निरीक्षण व प्रतिवेदन नहीं मिलने के कारण प्रकरण लंबित हो जाते हैं और संख्या बढ़ती जा रही है, जिसके कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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