Raipur News: देवभोग में गुरुवार सुबह हड़कंप की स्थिति उस दौरान निर्मित हो गई, जब कुछ लोगों ने हाथी को रिहायशी इलाके में विचरण करते देखा। आनन-फानन में सूचना वन विभाग को दी गई।
Gajraj entered the residential area: देवभोग। देवभोग में गुरुवार सुबह हड़कंप की स्थिति उस दौरान निर्मित हो गई, जब कुछ लोगों ने हाथी को रिहायशी इलाके में विचरण करते देखा। आनन-फानन में सूचना वन विभाग को दी गई। वहीं, हाथी आने की खबर मिलने के बाद उसे देखने के लिए नेशनल हाईवे पर आमजनों की भीड़ उमड़ गई। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम हाथी का निगरानी कर रही है।
इंदागांव देवभोग के वन परिक्षेत्र अधिकारी छबिलाल ध्रुव ने बताया कि एक हाथी देवभोग के रिहायशी इलाके में घुस गया है। सूचना पर हमारी टीम हाथी का निगरानी कर रही हैं। तहसीलदार जयंत पटले ने कहा कि मुनादी करवाकर लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे घर से बाहर (CG Hindi news) ना निकले। वहीं वन विभाग के साथ ही राजस्व और पुलिस की टीम भी मौके पर मुश्तैद हैं।
तीन दिन से परिक्षेत्र में विचरण
यहां बताना लाजमी होगा कि तीन दिन पहले से हाथी इंदागांव, देवभोग वनपरिक्षेत्र के अंतिम छोर में बसे बरही के जंगल में हाथी घूम रहा था। वहीं, दाबरीभाटा के ग्रामीणों की माने तो उन्होंने सोमवार की देर रात हाथी के चिंगाड़ने की आवाज सुनी थी। जिसके बाद पूरे गांव में दहशत (Raipur news) का माहौल बन गया था। ग्रामीणों ने रतजगा कर पूरी रात काटा था। ग्रामीणों ने हाथी पाव का फोटो भी खींचा है।
ग्रामीणों के मुताबिक हाथी पूरी रात बरही से लगे गांव दारबीभाटा के जंगलों में विचरण करता रहा। ग्रामीणों की माने तो हाथी अपने दल से बिछड़ गया था और वह ओडिशा से आकर छत्तीसगढ़ की सीमा में घुस गया। तीन दिनों तक जंगल से होते हुए वह रास्ता भटककर देवभोग के रिहायशी इलाके में घुस गया। ज्ञात हो कि इस हाथी को भगाने के लिए ओडिशा और इंदागांव परिक्षेत्र की वन विभाग की (forest department team) टीम ने मिलकर संयुक्त अभियान चलाकर उसे भगाने की कोशिश की थी, लेकिन दोनों प्रदेश की टीम को सफलता नहीं मिली।