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गुरु घासीदास की निकली भव्य शोभायात्रा, सात श्वेत ध्वज वाहक संतों ने की अगुवानी

झांकियों से दिया शिक्षा और आदर्शों का संदेश, पंथी और घुमर नृत्य आकर्षण के केंद्र

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गुरु घासीदास की निकली भव्य शोभायात्रा, सात श्वेत ध्वज वाहक संतों ने की अगुवानी

गुरु घासीदास की निकली भव्य शोभायात्रा, सात श्वेत ध्वज वाहक संतों ने की अगुवानी

रायपुर। सतनाम पंथ के प्रणेता गुरुघासीदास की 263वीं जयंती समारोह से पहले सोमवार को राजधानी में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। सात श्वेत ध्वजवाहक संतों की अगुवानी में सतनामी समाज जयकारे लगाते हुए सपरिवार शामिल हुआ। गुरुबाबा की शिक्षा और आदर्शों का संदेश देती झांकियां, पंथी और घुमर नृत्य आकर्षण के केंद्र थे। जयंती समारोह 18 दिसंबर को धूमधाम से मनेगा।

शोभायात्रा का आयोजन गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी की ओर से किया गया। दोपहर में समाज के लोग आमापारा स्थित जैतखाम के पास एकत्रित हुए। सबसे पहले आमपारा स्थित जैतखाम की पूजा अर्चना कर मंगल आरती की गई। सफेद ध्वज लहराते हुए आकर्षक झांकियां, पंथी नर्तक दल, बैंडबाजे, धुमाल पार्टी के साथ बच्चे, युवा, महिलाएं व बुजुर्गों की टोलियां जय-जय सतनाम, 18 दिसम्बर अमर रहे के जयघोष करते हुए सुभाष स्टेडियम पहुंचे। जहां सभा और प्रसाद वितरित किए।

पुष्पवर्षा से स्वागत, ये संदेश दिए
अनेक संगठनों ने पुष्पवर्षा, फल व मिष्ठान वितरित कर स्वागत किया। वहीं झांकियों में गुरु घासीदास की तस्वीरें, उपदेश मनखे मनखे एक समान, जीव हत्या पाप हैं, नशा पान व हिंसा मत करो, पर स्त्री को माता मानो, दोपहर को हल मत जोतो, सत्य ही मानव का आभूषण है, जैसे संदेशों से सजाया गया था। संस्था के अध्यक्ष केपी खण्डे एवं प्रवक्ता चेतन चंदेल ने बताया कि भण्डारपुरी धाम से पधारे युवराज गुरु खुशवंत साहेब व सौरभ साहेब बग्गी में सवार होकर सभी का अभिवादन किए तथा बिलाईगढ़ विधायक चन्द्रदेव राय ने सभी को जयंती पर्व की बधाई देते शामिल हुए।

हैरतअंगेज प्रदर्शन
ओडिशा के कालाहांडी से आए 7 सदस्यीय कलाकारों ने रास्ते भर घुमर नृत्य की शानदार प्रस्तुति देते हुए तथा बिरगांव अखाड़ा दल के युवा-युवतियों की टोलियों ने चक्र घुमाना, लाठिया भांजना, मुंह से आग के गोले छोडऩा, तलवार बाजी जैसे हैरतअंगेज प्रदर्शन किया।

जोड़ा जैतखाम और गुरु गद्दी की पूजा की
सत्यनाम सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुंदरलाल लहरे, डॉ. छगनलाल सोनवारी, केंद्रीय प्रवक्ता सुरेश लहरे के नेतृत्व में आसपास के ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। झांकियों के साथ पंथी दल के साथ सबसे पहले खमतराई सतनाम में स्थापित जोड़ा जैतखाम और गुरु की पूजा-अर्चना कर उत्साह से शोभायात्रा में शामिल हुए।