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कमल विहार में है आपका प्लॉट या मकान तो पढ़ लीजिये ये जरुरी खबर अब पहले से कम नजर आएगी हरियाली

रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के प्रोजेक्ट कमल विहार में अब पहले से कम हरियाली नजर आएगी।

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kamal vihar

Greenery decrease in Kamal Vihar, garden make with in 150 acre

अजय रघुवंशी/रायपुर. रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के प्रोजेक्ट कमल विहार में अब पहले से कम हरियाली नजर आएगी। ऐसा इसलिए क्योंकि आरडीए ने अपने बजट प्रस्ताव में कमल विहार के 225 एकड़ आमोद-प्रमोद जमीन में 75 एकड़ जमीन व्यावसायिक उपयोग के लिए आरक्षित करने का निर्णय लिया है, जिसके बाद सिर्फ 150 एकड़ जमीन का उपयोग ही उद्यान, जागिंग ट्रैक, फ्लॉवर गार्डन, जिम, खेल-कूद, मैरिज पैलेस, हॉट-बाजार आदि के लिए किया जा सकेगा।

कमल विहार 1600 एकड़ में विस्तारित है। अभी तक के मास्टर प्लान के मुताबिक कमल विहार में 26 फीसदी जमीन आमोद-प्रमोद के लिए आरक्षित की गई थी, लेकिन बजट प्रस्ताव के बाद अब सिर्फ 10 फीसदी हिस्से में ही हरियाली होगी, बाकीजमीन पर मकान, फ्लैट और व्यावसायिक उपयोग के लिए दुकानें, शो-रूम आदि का निर्माण प्रस्तावित है।

इस प्रस्ताव को राज्य सरकार की अनुमति मिलनी बाकी है। इस मामले में आवास एवं पर्यावरण मंत्री की सहमति नहीं मिली है, लेकिन आरडीए सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा आरडीए के इस बजट प्रस्ताव पर सहमति मिल सकती है। चूंकि कर्ज के बोझ तले दबे आरडीए को मदद करने के लिए राज्य सरकार भी आर्थिक रूप से तैयार नहीं है। हालांकि रहवासियों की ओर इसका विरोध भी शुरू हो चुका है।

सेक्टर-3 में व्यावसायिक उपयोग के लिए आरक्षित
आरडीए के अधिकारियों के मुताबिक सेक्टर-3 को व्यावसायिक उपयोग के लिए आरक्षित किया गया है। यह पुरानी धमतरी रोड के करीब है। आरडीए ने बजट प्रस्ताव में यह सेक्टर इसलिए आरक्षित किया है, ताकि यह हाइवे के करीब है, वहीं कमर्शियल उपयोग के लिए यह जमीन हाथों-हाथ बिकेगी।

रिक्रिएशन पार्क भी जद में
उद्यान, आमोद-प्रमोद की जमीन कम करने के बाद बोरियाखुर्द तालाब के करीब बनने वाले रिक्रिएशन पार्क प्रोजेक्ट अब फेल होता नजर आ रहा है। 100 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में रिक्रिएशन पार्क प्रोजेक्ट तैयार किया गया था, लेकिन अब इसी के करीब कमर्शियल प्रोजेक्ट लांच करने की तैयारी की जा रही है। रिक्रिएशन पार्क की जमीन भी इसकी जद में आ चुकी है।

10 करोड़ देकर बंद खाता खुलवाया
आरडीए ने बीते महीने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 10 करोड़ रुपए देकर बंद खाता खुलवा लिया है, लेकिन बैंक ने लोन के रिस्ट्रचरिंग का प्रस्ताव ठुकरा दिया है, वहीं तय समय-सीमा के भीतर लोन अदा करने का फरमान सुनाया है। आरडीए को अब भी लगभग 400 करोड़ का लोन सेंट्रल बैंक को अदा करना है। आरडीए ने सेंट्रल बैंक को अब तक 250 करोड़ से अधिक ब्याज जमा कर दिया है।

सोसायटी के पदाधिकारी विरोध में उतरे
कमल विहार रेसीडेंशियल सोसायटी के पदाधिकारी आरडीए के इस प्रस्ताव के बाद विरोध में उतर चुके हैं। सोसायटी के संयोजक आशीष भट्टाचार्य ने कहा कि एक तरफ जब हरियाली के लिए शहर में कृत्रिम ऑक्सीजोन बनाया जा रहा है तो दूसरी तरफ कमल विहार में हरियाली घटाकर व्यावसायिक उपयोग के लिए जमीन आरक्षित की जा रही है।

आरडीए सीइओ नरेंद्र कुमार शुक्ल ने कहा, आरडीए के बजट प्रस्ताव पर अभी शासन की अनुमति मिलनी बाकी है। नए प्रस्ताव के बाद कमल विहार के मास्टर प्लान में भी फेरबदल करना होगा।