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Hanuman Jayanti 2023: चोला उतरा तो दिखे 1100 साल पुराने हनुमान, बावली से निकली 3 मूर्तियां

Hanuman Jayanti 2023 : कुछ साल पहले पूजा के दौरान चोला उतरा तो सदियों पुराना इतिहास सामने आया। पुरानी बस्ती की 500 साल पुरानी बावली से भी 3 प्राचीन मूर्तियां निकलीं। पढ़िए पत्रिका की विशेष रिपोर्ट...

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Hanuman Jayanti 2023

रायपुर. Hanuman Jayanti 2023 : पूरा देश गुरुवार को श्रीराम भक्त हनुमान का प्राकट्योत्सव मना रहा है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी हनुमत भक्ति का इतिहास काफी पुराना है। तात्यापारा में 1100 साल पुरानी एक ऐसी मूर्ति है, जिसके बारे में लोगों को (Hanuman Jayanti 2023) भी नहीं पता था। कुछ साल पहले पूजा के दौरान चोला उतरा तो सदियों पुराना इतिहास सामने आया। पुरानी बस्ती की 500 साल पुरानी बावली से भी 3 प्राचीन मूर्तियां निकलीं। पढ़िए पत्रिका की विशेष रिपोर्ट...


तात्यापारा... जरासंध को पैर में दबाकर मारते हनुमान भगवान

साल 2019-20 की बात है। तात्यापारा के हनुमान मंदिर में रोज की पूजा हो रही थी। भक्त भगवान को चोला चढ़ाने आ रहे थे। इसी दौरान पूरा चोला अचानक बिखर गया। दरअसल, सालों से चोला चढ़ाने के चलते मूर्ति पर मोटी परत जम गई थी। गर्मी के दिनों में सूखने की वजह से वह टूट गई। इसके भीतर हनुमानजी जरासंध को अपने पैरों में दबाकर वध करते दिखे। दावा है कि पूरे भारत में ऐसी प्रतिमा कहीं नहीं। पुरातत्वविदों ने शोध में इसे 1100 साल पुरानी कल्चुरी कालीन प्रतिमा बताया है। जानकारों के मुताबिक, तात्यापारा में इस मूर्ति की स्थापना छत्रपति शिवाजी के गुरु स्वामी रामदास ने की थी, जब वे 17वीं सदी में छत्तीसगढ़ से होते हुए ओडिशा जा रहे थे। अनुमान लगाया गया है कि तब प्रतिमा शहर में ही किसी पेड़ के नीचे स्थापित रही होगी होगी।

पुरानी बस्ती... एकसाथ 3 निकले पर आज अलग-अलग इलाकों में विराजित

पुरानी बस्ती में बावली वाले हनुमान का प्राचीन मंदिर है। मंदिर के नाम के पीछे बड़ी दिलचस्प कहानी है। इतिहासकारों के मुताबिक जिस स्थान पर अभी मंदिर है, वहां काफी पुरानी बावली भी है। सदियों पहले यहां की 500 साल पुरानी घनी बावड़ी में ग्रामीणों को हनुमान की 3 मूर्तियां मिली थीं। ग्रामीणों ने इन्हें बावली से निकालकर वहीं एक पेड़ के नीचे स्थापित कर दिया। आज उस जगह भव्य मंदिर है, जहां भगवान की एक भव्य प्रतिमा स्थापित है। 2 अन्य प्रतिमाओं में से एक को दूधाधारी मठ और दूसरे को गुढ़ियारी स्थित मंदिर में स्थापित किया गया। आज तीनों ही मंदिरों की शहर में खास पहचान है। श्रीरामनवमीं, हनुमान प्राकट्योत्सव समेत कई धार्मिक मौकों पर इन तीनों ही मंदिरों में भक्तों की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ती है।

रेलवे स्टेशन: सर्वधर्म मंदिर स्थित हनुमान की प्रतिमा का दोपहर 12 बजे अभिषेक, श्रृंगार किया जाएगा। 12.30 बजे महाआरती होगी। इसके बाद भंडारे का आयोजन होगा जो देर रात तक चलता रहेगा। राजकुमार राठी ने बताया कि हजारों श्रद्धालुओं के साथ मंत्री, विधायक व जनप्रतिनिधि भी हिस्सा लेंगे।

डीडीयू ऑडिटोरियम: जीई रोड स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में गुरुवार को शाम 5 बजे से जन्मोत्सव का आयोजन किया गया है। यहां सिद्धेश्वर ब्रह्मऋषि गुरुदेव अपने भक्तों को आशीर्वचन देने के लिए मौजूद रहेंगे। भंडारा भी लगाया जाएगा।

तात्यापारा: यहां सुबह से ही दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हो जाएगा। प्राकट्योत्सव पर यहां दिनभर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। भक्तों के लिए इस खास मौके पर विशेष प्रसादी की व्यवस्था भी की गई है। शाम को शोभायात्रा निकाली जाएगी।

भाठागांव: यहां अवधपुरी गेट के सामने भव्य भंडारे का आयोजन किया गया है। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि भगवान के प्राकट्योत्सव पर सैकड़ों श्रद्धालुओं में प्रसादी बांटने की तैयारी है। इसके लिए शाम 5 बजे से भंडारे का आयोजन किया गया है।

राठौर चौक: मनोकामना सिद्धि हनुमान मंदिर में सुबह 5 बजे भगवान का जन्मोत्सव श्रृंगार किया जाएगा। 5.30 बजे आरती होगी। वहीं 6 बजे दुग्धाभिषेक श्रृंगार किया जाएगा। दोपहर में भंडारे का आयोजन किया गया है। महाआरती श्रृंगार शाम7 बजे होगा।