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ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों पर राजनीति शुरू: स्वास्थ्य मंत्री का आरोप केंद्र ने जानबूझकर संसद को किया गुमराह, कहा- नहीं मांगे ऐसे कोई आंकड़े

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों से केंद्र सरकार के इनकार के बाद राजनीति शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने ट्वीट कर केंद्र पर संसद को जानबूझकर गुमराह करने का आरोप लगाया है।
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रायपुर

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Ashish Gupta

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Updated: 22 Jul 2021, 1:43 PM IST

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ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों पर राजनीति शुरू: स्वास्थ्य मंत्री का आरोप केंद्र ने जानबूझकर संसद को किया गुमराह, कहा- नहीं मांगे ऐसे कोई आंकड़े

रायपुर. कोरोना की दूसरी लहर (Second wave of Corona) के दौरान ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों से केंद्र सरकार के इनकार के बाद राजनीति शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव (Chhattisgarh Health Minister TS Singhdeo) ने ट्वीट कर केंद्र पर संसद को जानबूझकर गुमराह करने का आरोप लगाया है।

स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने कहा, केंद्र सरकार ने कभी भी राज्यों से ऑक्सीजन की कमी से होने वाली मौतों के आंकड़े नहीं मांगे हैं। केंद्र ने एक दिन में मरने वालों की संख्या, कॉमरेडिटी के साथ मौत, कॉमरेडिटी के बिना मौत और कॉमरेडिटी का प्रकार के बारे में जानकारी मांगा है। भारत सरकार ने राज्यों से जांच किए बिना जानबूझकर संसद को गुमराह किया है।

उन्होंने ट्वीट में कहा, जब भारत सरकार कहती है कि "दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण किसी की मृत्यु नहीं हुई", तो वे शायद छत्तीसगढ़ की बात कर रहे हैं - एक ऐसा राज्य जहां अतिरिक्त ऑक्सीजन है। हालाँकि, यह भी एक सच्चाई है कि दिल्ली और यूपी जैसे राज्यों में ऑक्सीजन की कमी के कारण लोगों की मृत्यु हुई और उन भयानक दृश्यों को भुलाया नहीं जा सकता है।

स्वास्थ्य सिंहदेव ने कहा, राहुल गांधी की निरंतर चेतावनियों और सुझावों को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ उन प्राथमिक राज्यों में से एक था जिसने COVID संकट के दौरान अधिशेष ऑक्सीजन बनाए रखा। छत्तीसगढ़ की ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता 388.87 मीट्रिक टन है, जबकि 26 अप्रैल को अधिकतम खपत 180 मीट्रिक टन थी। फिर भी, किसी भी अनजान घटना को ट्रैक करने के लिए ऑडिट करने के विकल्प तलाश रहे हैं।

हम कोविड की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण अस्पतालों में या बाहर किसी भी मौत पर सभी जानकारी प्राप्त करने के लिए अपने सार्वजनिक ऑडिट का विस्तार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, वे गैर सरकारी संगठनों, नागरिक समाज के सदस्यों और छत्तीसगढ़ के पत्रकारों से अनुरोध करता हूं कि वे राज्य की बेहतरी के लिए ऐसी किसी भी पिछली घटना को हमारे संज्ञान में लाएं।

उन्होंने आगे ट्वीट कर लिखा, हम भारत सरकार से इस तरह की घटनाओं का रिकॉर्ड प्राप्त करने और भविष्य की किसी भी त्रासदी से बचने के लिए एक मजबूत योजना विकसित करने के लिए इसी तरह की लेखा परीक्षा आयोजित करने का आग्रह करते हैं। मेरी राय में, ICMR पोर्टल पर लागू किए गए कुछ बदलाव महत्वपूर्ण डेटा प्रदान कर सकते हैं जिनका उपयोग आगे की तैयारी के लिए किया जा सकता है।