
रायपुर. वरिष्ठ आईएएस अधिकाररी आरपी मंडल गुरुवार को छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव बन गए। वे छत्तीसगढ़ निर्माण के दौरान वर्ष 2001 से 2003 तक बिलासपुर जिले के कलेक्टर रहे। यह संयोग है कि 18 साल पहले आरपी मंडल ने सुनील कुजूर से ही बिलासपुर जिले के कलेक्टर का पदभार लिया था और अब मुख्य सचिव के रूप में कुजूर के सेवानिवृत्त होने पर मंडल ने उन्हीं से प्रशासनिक मुखिया की जिम्मेदारी ली है।
मंडल 1987 बैच के आईएएस अफसर
चीफ सेक्रेटरी आरपी मंडल ने बिलासपुर के गवर्नमेंट स्कूल से अपनी स्कूली पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने रायपुर के शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रिकल में बीई किया। फिर आईआईटी खडग़पुर से एमटेक। उसकेRajendra Prasad mandal बाद वे सिविल सेवा परीक्षा में आईएएस के लिए चयनित हुए। उन्हें 1987 बैच के साथ छत्तीसगढ़ कैडर मिला।
मुंह में दातुन लेकर घूमते थे शहर
बिलासपुर के जफर अली बताते हैं कि यहां कलेक्टर रहते हुए आरपी मंडल रोज सुबह पांच बजे उनके साथ बाइक से शहर भ्रमण पर निकलते थे। वे लोग नियमित तौर पर कानन पेंडारी के बगल में स्मृति वाटिका जाते थे। वहां से लौटने के बाद मुंह में दातुन करते हुए एक घंटे तक पैदल शहर का मुआयना किया करते थे। तब वर्तमान मुख्य सचिव मंडल और जफर अली नीम के दातुन करते शहर भ्रमण करते रहे। मंडल के सुबह भ्रमण की आदत अभी तक गई नहीं है।
मांसाहार छोड़कर शाकाहारी, फिर फलाहारी हो गए
मुख्य सचिव आरपी मंडल को जानने वाले बताते हैं कि बिलासपुर कलेक्टर रहते हुए उन्होंने मांसाहार छोड़ दिया था। बाद में उन्होंने रात का भोजन भी छोड़ दिया। अब वे केवल फलाहार करते हैं।
Published on:
01 Nov 2019 08:27 pm
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