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मुख्यमंत्री कन्या विवाह की राशि बढ़ी तो टॉरगेट से ज्यादा हो रहे पंजीयन, रायपुर में ही दोगुना पंजीयन

इस बार 6 हजार 90 जोड़े विवाह बंधन में बंधेगे, 17 करोड़ 22 लाख की राशि के मिलेंगे उपहारमुख्यमंत्री कन्या विवाह में हर जिले को दिया गया अलग-अलग टारगेट  

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मुख्यमंत्री कन्या विवाह की राशि बढ़ी तो टॉरगेट से ज्यादा हो रहे पंजीयन, रायपुर में ही दोगुना पंजीयन

मुख्यमंत्री कन्या विवाह की राशि बढ़ी तो टॉरगेट से ज्यादा हो रहे पंजीयन, रायपुर में ही दोगुना पंजीयन

रायपुर। मुख्यमंत्री कन्या विवाह के लिए इस बार 10 हजार की राशि बढ़ाकर 25 हजार रूपए की गई है। इस बढ़ी हुई राशि के कारण हर जिले में विभाग द्वारा दिए गए विवाह के टॉरगेट से अधिक पंजीयन हो रहा है। रायपुर जिले में ही 250 विवाह का टॉरगेट दिया गया था लेकिन अब तक 400 से अधिक जोड़ों का पंजीयन हो चुका है। इस बार बीपीएल कार्ड की अनिवार्यता भी खत्म कर दी है। अब मुख्यमंत्री खाद्यान योजना के तहत जिन परिवारों का राशन कार्ड बना है वे भी अपनी दो कन्याओं का विवाह इस योजना के तहत कर सकते है। इस बार योजना के निर्देशो में आंशिक बदलाव किए गए है बाकी सारे निर्देश भाजपा सरकार के समय बनाए गए निर्देश ही है।

इस साल होने वाले मुख्यमंत्री कन्या विवाह के लिए महिला बाल विकास विभाग द्वारा 17 करोड़ 22 लाख की राशि खर्च की जा रही है। विभाग द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह के लिए हर जिले को अलग-अलग टॉरगेट दिए गए है। प्रदेश में इस बार 6 हजार 90 जोंडों को पंजीयन किया जाना है। रायपुर जिले में विवाह के लिए 25 फरवरी की तारिख तय की गई है इसी तरह अलग-अलग जिलों के लिए 31 मार्च तक का समय दिया गया है। आदिवासी अंचल के जिलों में अधिकतम 300 विवाह और बाकी जिलों में 200 विवाह का पंजीयन किया जाना है।

इन जिलों को मिला इतना टॉरगेट
मुख्यमंत्री विवाह के लिए सबसे अधिक टॉरगेट बस्तर जिले को 400, और सबसे कम मुंगेली को 150 विवाह का टॉरगेट मिला है। इसी तरह बलरामपुर, बालौद, कांकेर, सरगुजा, कोंडागांव, सूरजपुर, रायगढ़ को 300 विवाह और बाकी जिलों को 150 से 250 विवाह का टॉरगेट महिला बाल विकास विभाग द्वारा दिया गया है।

विभाग द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह के लिए 17 करोड़ 22 लाख की राशि जारी की गई है। हालांकि हर जिले को कुछ टॉरगेट दिए है, लेकिन यह टॉरगेट कम द्यादा हो सकते है। हर जिला अपनी सुविधानुसार विवाह की तारीख तय कर रहा है। जिला स्तर पर ही सारे पंजीयन हो रहे है। विभाग द्वारा हर जिले को राशि आवंटित कर दी है।
जन्मेजय महोबे, संचालक महिला बाल विकास विभाग