
अगर आपने अपना आधार कार्ड तीन साल से नहीं किया इस्तेमाल तो हो जाएगा इनवैलिड
रायपुर . इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने एक दिन पहले ही लीक हो चुके प्रश्नपत्र से ही शुक्रवार को परीक्षा करा ली। दोपहर बाद 2 बजे से शुरू हुई परीक्षा में ठीक वही प्रश्नपत्र वितरित हुआ, जिसकी प्रति पहले ही मीडिया के पास मौजूद थी।
बीए हिंदी का यह प्रश्नपत्र बिलासपुर के शासकीय ईआरआर पीजी कॉलेज केंद्र से गुरुवार को ही आउट आ गया था। पत्रिका ने इस प्रश्नपत्र को शुक्रवार के अंक में प्रकाशित भी किया। समाचार छपने के बाद हरकत में रायपुर स्थित ईग्नू के क्षेत्रीय केंद्र ने एक अधिकारी को बिलासपुर भेजा।
वहां उन्होंने प्रश्नपत्र लीक होने संबंधी मामले में केंद्र प्रभारी और दूसरे लोगों से बात की। प्रदेश में रायपुर, बिलासपुर, भिलाई स्थित इग्नू के दूसरे अध्ययन केंद्रों पर भी परीक्षा सामान्य दिनों की तरह हुई। हालांकि केंद्र प्रभारियों ने एहतियात के तौर रायपुर कार्यालय को बता दिया कि उनके यहां वितरित हो रहा प्रश्नपत्र वही है जो मीडिया में आ चुका है। इस परीक्षा के बाद मुक्त विश्वविद्यालय का परीक्षा तंत्र कटघरे में खड़ा है, वहीं राज्य सरकार की साख पर भी सवाल उठ रहे हैं।
एेसे संचालित हो रहा है तंत्र
प्रश्नपत्र को सार्वजनिक करने वाले आप नेता अनिल बघेल ने बताया, भरोसेमंद परीक्षार्थियों को परीक्षक खुद इस रास्ते की जानकारी दे रहे हैं। एक प्रश्नपत्र की कीमत 10 से 15 हजार रुपए तक है। सौदा तय हो जाने के बाद परीक्षार्थी को फोन कर अमुक प्रोफेसर, क्लर्क अथवा चपरासी को रुपए देकर प्रश्नपत्र और कॉपी लेने का निर्देश मिलता है। परीक्षार्थी घर जाकर सवाल हल करता है। अगले दिन परीक्षा से आधा घंटा पहले किसी बैग में रखकर वह केंद्र पहुंच जाता है। वहां बैग को एक खास कमरे में रखकर वह परीक्षा हॉल में बैठता है। परीक्षा के समय उसकी पहले से लिखी कॉपी उसकी सीट पर मिल जाती है।
सबूत बनाने के लिए लीक किया तीसरा पेपर
बघेल की सेमेस्टर परीक्षा 1 दिसम्बर से शुरू हुई थी। उन्होंने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में आधार पाठ्यक्रम और समाजशास्त्रीय विचार के प्रश्नपत्र भी एक दिन पहले हासिल किए थे। उनका कहना है कि सबूत बनाने के लिए उन्होंने एक कॉपी में दूसरे से उत्तर लिखवाए हैं। ताकि दो लेखों में अंतर दिख सके। उसके बाद 7 दिसम्बर को मिला 8 दिसम्बर की परीक्षा का प्रश्नपत्र उन्होंने सार्वजनिक कर दिया। बघेल का कहना था, इस फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ करने के लिए ही उन्होंने 2015 में प्रवेश लिया था।
रायपुर इग्नू क्षेत्रीय केंद्र के निदेशक डॉ. एच संगीता मांझी ने कहा कि उनके लिए परीक्षा रोकना संभव नहीं था। उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी गई है। एक अफसर को जांच के लिए बिलासपुर भी भेजा गया था। केंद्र प्रभारी को मामले में एफआईआर कराने को कहा गया है।
जांच टीम ने दी क्लीनचिट
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय में बीए हिंदी का प्रश्रपत्र लीक होने की खबर पर मामले की जांच के लिए रायपुर से दो सदस्यीय दल ने परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया। ई राघवेंद्र राव साइंस कालेज में चल रही परीक्षा का निरीक्षण करने के बाद इग्नू के असिस्टेंट रीजनल डायरेक्टर विमल नंदा एवं संयोजक एक के गुप्ता ने कहा कि यहां पेपर लीक जैसी कोई बात नहीं है, सब कुछ सामान्य है। हिंदी की परीक्षा दोपहर की पाली में 2 से 5 बजे तक यथावत जारी रही। डॉ. गुप्ता ने बताया कि रायपुर से मामले की जांच के लिए टीम आई है, अपना काम कर रही है।
Published on:
09 Dec 2017 12:38 pm
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