BJP Ki Pathshala: जुलाई के प्रथम सप्ताह में भाजपा अपने सांसदों-मंत्रियों-विधायकों को प्रशिक्षण देगी। यह प्रशिक्षण शिविर 7 जुलाई से 9 जुलाई तक मैनपाट में होगा।
BJP Ki Pathshala: जुलाई के प्रथम सप्ताह में भाजपा अपने सांसदों-मंत्रियों-विधायकों को प्रशिक्षण देगी। यह प्रशिक्षण शिविर 7 जुलाई से 9 जुलाई तक मैनपाट में होगा। इस शिविर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी आएंगे। अंतिम दिन केंद्रीय गृह मंत्री शाह आएंगे। भाजपा संगठन द्वारा प्रशिक्षण की तैयारी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, भाजपा के शीर्ष नेताओं द्वारा अपने सांसदों-मंत्रियों-विधायकों को भाजपा के सिद्धांत, रीति-नीति के हिसाब से किस प्रकार से सत्ता और संगठन से तालमेल बिठाकर काम करना इस बारे में विस्तार से बताएंगे।
साय सरकार के कैबिनेट मंत्रियों की रिपोर्ट हर माह भाजपा शीर्ष नेतृत्व के पास पहुंच रही है। भाजपा शीर्ष नेतृत्व मंत्रियों के काम काज की समीक्षा करने के बाद खराब परफारमेंस वाले मंत्रियों को नसीहत भी दे रही है कि कामकाज का तरीका बदलें। जनता और कार्यकर्ताओं से जुड़ाव रखें। सिर्फ बंगले तक ही सीमित न रहें। बीच-बीच में अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र और प्रभार वाले जिलों का भी दौरा करें।
भाजपा सूत्रों के अनुसार, जुलाई भाजपा शीर्ष के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्रियों का जुलाई में छत्तीसगढ़ प्रवास होगा। इस दौरान साय सरकार के मंत्रियों की क्लास लेकर काम-काज को और किस तरह से बेहतर किया जा सकता है, इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही सत्ता और संगठन के साथ कैसे तालमेल बनाकर काम करना है इस बारे में भी बताया जाएगा।
भाजपा कार्यालय में साय सरकार के मंत्रियों द्वारा पहले आम जनता और कार्यकर्ताओं की समस्याओं की सुनवाई के लिए दरबार भी लगाया जाता था। करीब 10-15 दिन ही दरबार लगने के बाद अचानक से इसे बंद कर दिया गया। इस कारण से अब पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में नाराजगी है कि भाजपा कार्यालय में मंत्रियों को अपनी समस्याओं से अवगत करा देते हैं, अब तो बंगले भी नहीं मिलते हैं।
भाजपा सूत्रों के अनुसार भाजपा संगठन के वरिष्ठ नेताओं के पास कुछ मंत्रियों की लगातार शिकायतें मिल रही है। मंत्रियों पर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की अनदेखी की शिकायत वरिष्ठ नेताओं से की जा ही है। जिन मंत्रियों की लगातार शिकायतों मिल रही है, उसे गंभीरता से लेते हुए भाजपा संगठन अपने स्तर पर आंतरिक रूप से सर्वे भी करा रहा है।
वहीं, मंत्रियों को संगठन स्तर पर नसीहत भी दी जा रही है कि छवि अच्छी नहीं आ रही है, इसलिए समय रहते कामकाज का तरीका बदलें, ताकि कार्यकर्ताओं और जनता की नाराजगी दूर हो सकें।