
इस प्रदेश में मानसून की पहले टेस्ट और फिर टी 20 की तरह पारी
मानसून ने छत्तीसगढ़ में दंतेवाड़ा के रास्ते 28 मई को दस्तक दी थी, लेकिन राजधानी पहुंचने में 19 दिन लग गए। रायपुर समेत उत्तर छत्तीसगढ़ में 17 जून को मानसून पहुंचा। आश्चर्य की बात ये कि जब दंतेवाड़ा व रायपुर में मानसून आया, तब यहां बिल्कुल बारिश नहीं हुई। इससे लग रहा था कि कहीं मानसून कमजाेर न हो जाए। हालांकि जुलाई के शुरूआती दिनों में ही बंगाल की खाड़ी में अच्छा सिस्टम बनने से अच्छी बारिश होने लगी और कोटे से ज्यादा पानी बरस गया है।
सोमवार तक प्रदेश में 603 मिमी पानी गिर चुका है, जबकि 531.8 मिमी गिरना था। यह सामान्य से 13 फीसदी ज्यादा है। वहीं रायपुर जिले में सामान्य से 20 फीसदी ज्यादा बारिश रिकार्ड की गई है। यहां 549.5 मिमी पानी गिरा है। जबकि 459.6 मिमी पानी गिरना था। प्रदेश में पिछले 10 साल में जुलाई के 28 दिनों में तीसरी बार सबसे ज्यादा बारिश हो चुकी है। इसके पहले 2016 व 2023 में 400 मिमी से ज्यादा पानी गिरा था। मानसून हवाओं के मेहरबान नहीं रहने के कारण जून में जहां 17 फीसदी कम बारिश हुई थी, वहीं अब यह सामान्य से 13 फीसदी ज्यादा बारिश हो चुकी है। जून में 169 मिमी पानी गिरा था, जो 28 जुलाई तक बढ़कर 603 मिमी हो चुका है। यानी पिछले 28 दिनों में 433.7 मिमी पानी बरस चुका है। जुलाई में 3 दिन और बाकी है। इससे लगता है कि 10 साल का रिकार्ड कहीं टूट न जाए।
अगले 3 दिनों से मध्य व उत्तर छग में मध्यम वर्षा
अगले तीन दिनों तक मध्य व उत्तर छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी। प्रदेश के एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा के साथ वज्रपात होने की आशंका है। पिछले 24 घंटे में वर्षा की गतिविधियों में भी कमी आई है। रघनुाथननगर व दरभा में 30-30 मिमी पानी गिरा। इसी तरह कोहकामेटा, भैयाथान, कापू, पटना, गंगालूर व पत्थलगांव में 20-20 मिमी बारिश हुई। बैकुंठपुर, सन्ना, डौंडीलोहारा, चिरमिरी, रामानुजनगर व छोटे डोंगर में 10-10 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई।
Updated on:
28 Jul 2025 07:32 pm
Published on:
28 Jul 2025 07:32 pm
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