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रायपुर. Monthly Season Ticket News: एमएसटी का नया किराया शनिवार को देर रात तक तय नहीं हो पाया। इसलिए पहले दिन एक भी एमएसटी नहीं बनी है। रेलवे के जनरल टिकट काउंटरों से मंथली सीजन टिकट (MST) रविवार से बननी शुरू होगी। इसके साथ ही रायपुर समेत आसपास के शहरों के बीच लोग एमएसटी पर सफर करने लगेंगे।
इस सुविधा पर अभी तक रेलवे रोक लगा रखा था, जिसे अब बहाल किया है। परंतु यह माना जा रहा है कि यह पहली वाली एमएसटी नहीं होगी, जब रायपुर से दुर्ग का मात्र 182 रुपए लगता था। नई एमएसटी यात्रियों की जेब पर भारी पड़ सकती है, क्योंकि अभी लोकल ट्रेनें स्पेशल के रूप में ही चल रही हैं और रेलवे उन्हीं ट्रेनों के लिए एमएसटी बहाल किया है।
एमएसटी से सफर बहाल करने का आदेश जारी होने के बाद शनिवार को दिनभर किराया फेयर को लेकर पेसोपेश की स्थिति बनी रही है कि पहले जैसे फेयर के आधार पर एमएसटी जारी होगी या फिर इसमें स्पेशल का अतिरिक्त चार्ज जोड़कर रेलवे जारी करेगा। क्योंकि इसका कंट्रोल रूम कोलकाता में है। रेल अफसरों के अनुसार कोलकाता सेंटर से नई एमएसटी फेयर का डाटाबेस रात 12 बजे अपडेट होगा।
इसके साथ ही यह पता चलेगा कि रायपुर से भिलाई, दुर्ग, भाटापारा, तिल्दा या बिलासपुर के बीच एमएसटी धारकों का हर महीने कितने लगेगा। इसके लिए किराया फेयर रेलवे के क्रिस साफ्टवेयर से रेलवे जोन के हर रेल डिवीजन के जनरल टिकट काउंटरों में लगे कंम्यूटरों में एमएसटी कर किराया दूरी के हिसाब से अपडेट हो जाएगी।
22 महीने हो गए एक्सप्रेस, मेल जितना किराया वसूल रहा रेलवे
कोरोनाकाल में रेलवे लोकल ट्रेनें स्पेशल के रूप में चलाकर यात्रियों से एक्सप्रेस और मेल के जनरल टिकट जितना किराया वसूल रहा है। यानी कि रायपुर से दुर्ग का 10 रुपए की जगह 30 रुपए और भाटापारा का 15 रुपए की जगह 40 रुपए और बिलासपुर का 25 रुपए की जगह 50 रुपए लोकल का किराया यात्रियों से लिया जा रहा है। रेलवे सूत्रों के अनुसार अब जो नई एमएसटी बनेगी वह पहले जैसा चल रही एक्सप्रेस और मेल ट्रेनों के जनरल टिकट के किराया फेयर के हिसाब से जारी होगी। यानि की यात्रियों की जेब अभी कटना तय माना जा रहा है।
10 से 15 हजार लोग करते रहे हैं सफर
कोरोना काल से पहले तक रायपुर समेत आसपास के शहरों से हर दिन 10 से 15 हजार लोग एमएसटी पर आते-जाते रहे हैं। एक महीने, दो महीने या फिर तीन महीने की एमएसटी बनवा लेते थे और सुबह अपने-अपने क्षेत्रों में आकर काम करते थे और शाम को अपने घरों को लौटते थे। उन्होंने पिछले 22 महीने से एक्सप्रेस, मेल ट्रेनों या तो रिजर्वेशन कराकर तीन गुना तक अधिक किराया देकर आना-जाना करना पड़ा है या फिर लोकल ट्रेनों में 10 की जगह 30 रुपए एक बार का किराया देना पड़ता था।
रायपुर डीसीएम किशोर निखारे ने कहा, एमएसटी अभी केवल स्पेशल लोकल ट्रेनों के लिए ही मान्य होगी। फिर भी हर दिन अप-डाउन करने वालों को काफी सुविधा होगी। रविवार को एमएसटी का किराया फेयर तय हो जाएगा, क्योंकि कोलकाता डाटाबेस से सिस्टम को अपडेट किया जा रहा है।
Published on:
23 Jan 2022 03:31 pm

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