
Indian Railway: अब कुछ ही दिनों में प्रयागराज कुंभ मेले का समापन होने जा रहा है। इससे पहले तीर्थयात्रियों की परेशानी भी बढ़ गई है। क्योंकि हर दिन चलने वाली दोनों प्रमुख ट्रेनें सारनाथ और नौतनवा एक्सप्रेस को रेलवे प्रशासन ने परिचालन कारणों का हवाला देकर दोनों तरफ से कैंसिल कर दिया है। इस वजह से पहले से रिजर्वेशन कराकर प्रयागराज जाने की तैयारी में बैठे हजारों यात्रियों को झटका लगा है। अब अपने कॅन्फर्म टिकट का रिफंड लेने रेलवे के काउंटरों पर भीड़ लग रही है।
प्रयागराज की ये दोनों ट्रेनें कैंसिल होने पर लोगों के मोबाइल पर मैसेज आने लगे। इसके साथ ही वे लोग जिन्होंने काउंटरों से टिकट लिए थे, वे वहां पहुंचकर रिफंड लेने के लिए मजबूर हैं। क्योंकि महाकुंभ में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए अब केवल महाशिवरात्रि पर्व 26 फरवरी तक ही मौका है। इस दिन प्रयागराज में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र स्नान करने हमेशा से पहुंचते रहे हैं। सारनाथ एक्सप्रेस को तो 19 फरवरी से ही रेलवे के मुख्य रिजर्वेशन काउंटरों पर लोगों की कतारें लगने लगी है।
रेलवे प्रशासन के अनुसार 26 फरवरी को दुर्ग से चलने वाली ट्रेन नंबर 18201 दुर्ग-नौतनवा एक्सप्रेस रद्द रहेगी। इसी प्रकार वापसी में 28 फरवरी को यह एक्सप्रेस ट्रेन नौतनवा स्टेशन से दुर्ग के लिए नहीं चलेगी।
रेलवे के अनुसार परिचालन कारणों से ट्रेन नंबर 15160 / 15159 दुर्ग छपरा दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस 19, 20 एवं 21 फरवरी को दुर्ग स्टेशन से रद्द थी। 21, 22 एवं 23 फरवरी को छपरा तरफ से रद्द की गई। इस दौरान 4 हजार से अधिक कंफर्म टिकट का किराया रेलवे काउंटरों से रिफंड किया गया। रेलवे कैंसिलेशन की तिथि को आगे बढ़ते हुए अब 22, 23, 24, 25 एवं 26 फरवरी को सारनाथ एक्सप्रेस को फिर दुर्ग से रद्द किया है। इसी तरह यह ट्रेन 24, 25, 26, 27, 28 फरवरी को छपरा से रद्द रहेगी।
रेलवे प्रशासन ने रायपुर रेल मंडल से 28 कुंभ स्पेशल ट्रेनें चलाने का दावा किया है। जबकि अन्य जोनल रेलवे से चलने वाली 56 कुंभ स्पेशल ट्रेनें रायपुर रेल मंडल से होकर निकली हैं। इसके अलावा दुर्ग-छपरा, सारनाथ एक्सप्रेस, दुर्ग नौतनवा, गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस से प्रतिदिन श्रद्धालुओं ने प्रयागराज त्रिवेणी में स्नान किया। महाकुंभ स्पेशल ट्रेनों में सामान्य, स्लीपर एवं वातानुकूलित सहित 12 अतिरिक्त कोच भी लगाए गए। कुंभ स्पेशल ट्रेनों से रायपुर सहित इस्पात नगरी भिलाई, दुर्ग, डोंगरगढ़ भाटापारा, उसलापुर , अनूपपुर, पेंड्रारोड, शहडोल, मध्यप्रदेश के उमरिया, कटनी, सतना, जबलपुर एवं गोंदिया इत्यादि स्टेशनों से हजारों की संया में श्रद्धालुओं ने प्रयागराज संगम में डुबकी लगाई।
काउंटर टिकट वालों को तो जल्दी रिफंड मिल जा रह है। वहीं, अधिकांश यात्री ई-टिकट कराते हैं। जब ट्रेनें कैंसिल की जाती हैं तो ऐसे यात्रियों को कई दिनों बाद आईआरसीसीटी रिफंड करता है। ऐसे में जिन यात्रियों के पास पैसा कम होता है, उन्हें दूसरे किसी ट्रेन में रिजर्वेशन कराने में दिक्कतें होती हैं।
Published on:
23 Feb 2025 11:45 am
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