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विधायक को पीटने वाले आइपीएस उदय किरण को महासमुंद से हटाया, पहले भी हो चुके हैं कई तबादले

राज्य सरकार ने विवादित आइपीएस उदय किरण को महासमुंद जिले से हटा दिया गया है।

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vimal chopra

विधायक को पीटने वाले आइपीएस उदय किरण को महासमुंद से हटाया, पहले भी हो चुके हैं कई तबादले

रायपुर. राज्य सरकार ने विवादित आइपीएस उदय किरण को महासमुंद जिले से हटा दिया गया है। गृह विभाग ने शुक्रवार को उनको हटाने का आदेश जारी कर दिया। महासमुंद में नगर पुलिस अधीक्षक रहे किरण को एसटीएफ, बघेरा में सहायक पुलिस अधीक्षक बनाकर भेजा गया है।

भारतीय पुलिस सेवा के 2015 बैच के अफसर उदय किरण की अगुवाई में पुलिसकर्मियों ने 20 जून की रात करीब 11 बजे महासमुंद विधायक विमल चोपड़ा और उनके समर्थकोंं पर लाठीचार्ज किया था। इसमें विधायक समेत दर्जनभर समर्थक बुरी तरह चोटिल हुए थे। यह विवाद हैंडबाल की राष्ट्रीय महिला खिलाडिय़ों के साथ छेड़छाड़ की शिकायत नहीं लिखने और कोच के साथ पुलिस के दुव्र्यवहार से शुरू हुआ था। इस घटना से राज्य सरकार की काफी किरकिरी हो रही थी। भाजपा के विधायक भी अधिकारी के खिलाफ मुखर हो गए थे। हंगामा मचने पर कलक्टर ने दंडाधिकारी जांच का आदेश दिया था, जो जारी है।

विधायक विमल चोपड़ा ने 21 जून को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मुलाकात में उदय किरण की शिकायत की थी। चोपड़ा ने अधिकारी को मनोरोगी बताया था। उनका कहना था कि ऐसे व्यक्ति को पुलिस सेवा से ही हटा देना चाहिए। विमल चोपड़ा ने अफसर पर कार्रवाई नहीं होने की सूरत में 2 जुलाई से प्रस्तावित विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान विधानसभा में ही इस्तीफा देने की चेतावनी दी थी। उनकी शिकायत पर मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर को घटना की जांच के लिए भेजा था।

26 जून को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में विधायक की पिटाई का मामला गरमाया रहा। मंत्रियों ने इसे सरकार और संगठन दोनों के लिए अच्छा संकेत नहीं माना था। उनका कहना था कि ऐसे अफसर पर कार्रवाई करनी ही चाहिए। उसी दिन तय हो गया था कि उदय किरण को सरकार वहां से हटाएगी।

बिलासपुर में तैनाती के दौरान उदय किरण पर पत्रकारों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर मारपीट के आरोप लगे। उदय किरण पर आरोप हैं कि जनवरी-2018 में भाजयुमो के मंडल अध्यक्ष अंकुश गुप्ता और जनता कांग्रेस के नेता ईशान भंडारी को उन्होंने पिटवाया। वहीं, भाजपा नेताओं को नेतागिरी भुला देने की धमकी भी दी थी। हंगामें के बाद अधिकारी को बिलासपुर से हटाया गया। इससे पहले रायगढ़ में भी उदय किरण ऐसी ही हरकते कर चुके हैंं।