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जानें क्या होती है ‘False Pregnancy’, बिना प्रेग्नेंट हुए भी दिखते हैं प्रेग्नेंसी के लक्षण

फॉल्स प्रेग्नेंसी, एक ऐसा भ्रम जिसमें महिला को बिना गर्भवती हुए भी यह महसूस होता है कि वो प्रेग्नेंट है। यह एक असामान्य स्थिति है, जिसे मेडिकल भाषा में स्यूडोसाइसिस कहते हैं। आइए जानते हैं क्या होती है फॉल्स प्रेग्नेंसी,क्या हैं इसके लक्षण, कारण और बचाव।

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जानें क्या होती है 'False Pregnancy', बिना प्रेग्नेंट हुए भी दिखते हैं प्रेग्नेंसी के लक्षण

जानें क्या होती है 'False Pregnancy', बिना प्रेग्नेंट हुए भी दिखते हैं प्रेग्नेंसी के लक्षण

क्या है फॉल्स प्रेग्नेंसी
फॉल्स प्रेग्नेंसी को फैंटम प्रेग्नेंसी भी कहा जाता है। यह एक असामान्य स्थिति है, जिसमें महिला को लगने लगता है कि उसके गर्भ में शिशु पल रहा है। जबकि असल में उसके गर्भ में कोई बच्चा नहीं होता है।

फॉल्स प्रेग्नेंसी के लक्षण
फॉल्स प्रेग्नेंसी को मेडिकल भाषा में स्यूडोसाइसिस कहा जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें महिला को लगता है कि वो प्रेग्नेंट है। फॉल्स प्रेग्नेंसी के दौरान पीडि़त महिला में भी प्रेग्नेंसी के शुरुआती लक्षण जैसे- थकान, अनियमित मासिक धर्म, सिरदर्द,महिलाओं के स्तन के साइज में बदलाव, उल्टी आना और पेट में गैस बनना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इस स्थिति में न सिर्फ पीडि़त महिला बल्कि दूसरे लोग भी उसे गर्भवती समझने की भूल कर बैठते हैं, जबकि असल में महिला के गर्भ में कोई बच्चा नहीं होता है।

फॉल्स प्रेग्नेंसी के कारण
फाल्स प्रेग्नेंसी का सबसे बड़ा मुख्य कारण मानसिक दबाव होता है। यह समस्या उन महिलाओं में ज्यादा देखी जाती है जिनमें मां बनने की बहुत तीव्र इच्छा होती है या जिन महिलाओं का किसी वजह से बार-बार गर्भपात हो रहा हो। ऐसी महिलाओं के भीतर प्रेग्नेंसी जैसे लक्षण पैदा होने लगते हैं। जो बाद में फॉल्स प्रेग्नेंसी का कारण बन जाते हैं। इसके अलावा गरीबी, निरक्षरता, बचपन में यौन शोषण, पति-पत्नी के बीच कटु संबंध भी फॉल्स प्रेग्नेंसी का कारण बनते हैं।

फॉल्स प्रेग्नेंसी का इलाज
फॉल्स प्रेग्नेंसी का इलाज करने के लिए डॉक्टरों से दवा लेने की जरूरत नहीं होती है। इस रोग में मनोरोग विशेषज्ञ की मदद से पीडि़त महिला को सिर्फ समझाया जाता है कि वह गर्भवती नहीं है, उसमें सिर्फ गर्भवती के लक्षण नजर आ रहे हैं। फाल्स प्रेग्नेंसी से बचने के लिए महिलाओं को स्त्री रोग विशेषज्ञ के संपर्क में रहना चाहिए। डॉक्टर आपकी यूरिन, खून की जांच और अल्ट्रासाउंड से पता लगाएंगे कि आप सच में प्रेग्नेंट है या नहीं।

Disclaimer- इस आलेख में दी गई जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी पत्रिका डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।