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छत्तीसगढ़ में आम आदमी पार्टी की तरफ से मुख्यमंत्री पद के दावेदार कोमल हुपेंडी के जीवन से जुडी खास बातें

आम आदमी पार्टी के CM पद के उम्मीदवार होंगे आदिवासी युवा कोमल हुपेंडी, कौन है हुपेंडी?

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Komal hupendi

Komal hupendi

रायपुर। आम आदमी पार्टी ने छत्तीसगढ़ में अपना मुख्यमंत्री चेहरे की घोषणा कर दी है. आदिवासी युवक कोमल हुपेंडी आप से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे. बुधवार को दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय और सांसद संजय सिंह ने प्रेसवार्ता लेकर इसकी घोषणा की

छत्तीसगढ़ में आम आदमी पार्टी की तरफ से मुख्यमंत्री पद के दावेदार कोमल हुपेंडी के जीवन से जुडी खास बातें -

1- छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री पद के सबसे युवा दावेदार 37 वर्षीय कोमल हुपेंडी का जन्म 8 मई 1981 उत्तर बस्तर के जिला कांकेर के गांव मुंगवाल के एक आदिवासी परिवार में हुआ

2- प्राथमिक शिक्षा ग्राम वुदेली एवं 12वीं पास हायर सेकेंडरी स्कूल भानुप्रतापपुर से किया, बीए भानुप्रताप देव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कांकेर से किया और उसके बाद द्वारका प्रसाद बिप्र महाविद्यालय बिलासपुर से इतिहास में एमए किया

3- CGPSC (छत्तीसगढ़ राज्य लोक सेवा आयोग) 2005 बैच में सहकारिता विस्तार अधिकारी के पद पर चयनित हुए (पोस्टिंग 2008) में कोटा बिलासपुर में हुई

4- छत्तीसगढ़ के लिए कुछ कर गुजर की चाह में अगस्त 2016 में सहकारिता विस्तार अधिकारी के पद से इस्तीफा दे दिया आम आदमी पार्टी ज्वाइन की.

5- पिताजी राम लाल हुपेंडी रिटायर्ड हैड मास्टर और माताजी स्व. कुंती देवी हुपेंडी भी हाउस वाइफ थी

6- हुपेंडी ने दो किताबे आदिवासियों पर लिखी हैं 2008 में गढ़बांसला (एक अनसुलझा अतित) आदिवासी देवी देवताओं पर उल्लेखित हैं दूसरी किताब 2012 में (लिंगो ना डाका) लिखी है (आदिवासियों की संस्कृति पर आधारित है) तीसरी किताब में कविता संगृह लिखी है

7- 2007 में हुल्की महोत्सव, कोलांग महोत्सव और पर्रा जलसा की शुरुआत की थी और आज इन महोत्सवों को पूरा आदिवासी समाज धूमधाम से हर साल मनाता है

8- (पूना कर्रे लयिंग लयोर गोटूल) नामक संस्था के माध्यम से गरीब युवाओं को कम्पटीशन की तैयारी कराते हैं (संस्था से पढाई के दौरान ही कई बच्चे टीचर बने और कई बच्चे अन्य सरकारी विभागों में भी चयनित हुए

9- स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सम्मान के लिए 2011 में स्वतंत्रता सेनानी समृति समिति का गठन किया. इसके माध्यम से सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है.

10- शराबबंदी को लेकर भी कोमल हुपेंडी ने कई आंदोलन किए और कुछ शराब भट्टी को बंद कराने में कामयाब भी रहे

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