
Sri Krishna Janmashtami 2021: कृष्ण जन्माष्टमी के लिए गाइडलाइन जारी, सिर्फ पूजा के लिए अनुमति, दही हांडी पर रोक
रायपुर. Krishna Janmashtami ke Totke: भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को 5246 साल पहले द्वापर युग में रोहिणी नक्षत्र में बुधवार मध्य रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य मथुरा में हुआ था। हर वर्ष की तरह इस बार भी जन्माष्टमी का पर्व देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है, लेकिन इस बार कृष्ण जन्माष्टमी (Krishna Janmashtami) पर एक विशेष संयोग बन रहा है।
द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण (Lord Krishna) के जन्म के समय जो ग्रहों की स्थिति थी उसी के अनुरूप इस बार भी कृष्ण जन्मोत्सव के समय सूर्य और चंद्रमा उसी स्थिति में विद्यमान रहेंगे।
अद्भुत संयोग में करें विशेष उपाय
कृष्ण जन्मोत्सव के इस दुर्लभ और अद्भुत संयोग में यदि आप कोई उपाय करते हैं तो निश्चय ही आपकी सारी मनोकामनाएं तत्काल पूरी हो जाएंगी।
जन्माष्टमी की रात करें इस मंत्र का जाप
भगवान श्री कृष्ण को गायों से अत्यधिक प्रेम था। इसलिए श्रीकृष्ण को गोपाल और गोविंद के नाम से भी पुकारते हैं। इसलिए भक्त यदि जन्माष्टमी की रात गौ माता का स्मरण करें और गौ माता के मंत्र ऊं गो पतये नम: का जाप करें तो उनकी मनोकामना शीघ्र पूरी होगी।
सूर्यास्त से लेकर रात्रि 12 बजे से पहले तक गौ माता के इस मंत्र को यदि गाय के सामने बोलते हैं, इसके चमत्कारी परिणाम देखते मिलते हैं। भक्त इस मंत्र का जाप 3, 5 या 11 बार कर सकते हैं।Krishna Janmashtami ke Totke
Updated on:
23 Aug 2019 01:59 pm
Published on:
23 Aug 2019 01:57 pm

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