
श्रम विभाग ने ‘108/102’ कर्मियों की हड़ताल को बताया अवैधानिक, कार्य पर लौटने का आदेश
रायपुर . 108/102 कर्मियों के विरोध प्रदर्शन को शासन की ओर से तगड़ा झटका लगा है। उनकी मांगों को अवैधानिक बताते हुए श्रम विभाग ने तुरंत कार्य पर लौटने के आदेश दिया है। वहीं न्यूनतम मानदेय सहित ६ सूत्रीय मांगों पर अड़े कर्मचारियों ने तीसरे दिन सिर मुंडवा कर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध के दूसरे चरण में सैकड़ों कर्मी ईदगाह भाठा धरना स्थल में जुटे और दिन भर विरोध करते रहे। वहीं इस हड़ताल का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। राजधानी सहित प्रदेश के अन्य इलाकों से मरीजों की परेशानियां उभरकर सामने आ रही हैं। वहीं प्रबंधन प्रदेश में ९० फीसदी सेवाएं संचालित करने की बात कर रहा है।
प्रदेश में सेवाओं के विधिवत संचालन के लिए कंपनी की ओर से नई नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शनिवार को सैकड़ों की संख्या में बेरोजगार कंपनी के दफ्तर पहुंचे। इस पर कंपनी का कहना है कि वे अब भी विरोध पर गए कर्मियों का इंतजार कर रहे हैं। एेसे में यदि वे जल्द ही हड़ताल नहीं खत्म करते, तो उनकी जगह नए लोगों को नौकरी पर रखा जाएगा।
प्रदेश में आपात सेवाओं को बाधित होने से बचाने के लिए अप्रशिक्षितों से कार्य लिया जा रहा है। कंपनी के मीडिया प्रभारी पंकज रहांगडले ने बताया कि कंपनी के बैक ऑफिस व स्पेयर में रखे गए कर्मियों के माध्यम से कार्य लिया जा रहा है, जिसमें कई कर्मचारी अप्रशिक्षित हैं। एेसे में यह मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ के अलावा कुछ और नहीं है।
कंपनी की ओर से हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को 8 अप्रैल तक कार्य पर वापस आने का अल्टीमेटम दिया गया है। वहीं निर्धारित तिथि तक नहीं आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जीवीके कंपनी के मीडिया प्रभारी पंकज रहांगडाले ने कहा कि श्रम विभाग ने इस विरोध को अवैधानिक बताया है और उन्हें हड़ताल से वापस आने का आदेश दिया है। उनके विरोध के बावजूद 90 फीसदी से अधिक गाडि़यां सडक़ों पर दौड़ रही हैं।
संजीवनी कर्मचारी कल्याण संघ के प्रवक्ता पुरूषोत्तम यादव ने कहा कि हमें अब तक एेसा कोई आदेश नहीं मिला है, जब तक मांगें नहीं मानी जाएंगी हमारी हड़ताल निरंतर जारी रहेगी।
Published on:
08 Apr 2018 10:55 am
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