
छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल तय! DGP-PCCF समेत कई पद खाली, जल्द हो सकती है नियुक्तियों की घोषणा(photo-patrika)
DGP PCCF vacancies CG: छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ अधिकारियों की सेवानिवृत्ति को देखते हुए बड़े प्रशासनिक बदलाव की तैयारी तेज हो गई है। पुलिस, वन और राजस्व जैसे अहम विभागों में शीर्ष स्तर पर नई नियुक्तियों को लेकर सरकार गोपनीय तरीके से मंथन कर रही है। आने वाले महीनों में स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP), प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) और रायपुर संभाग के नए कमिश्नर की नियुक्ति संभावित मानी जा रही है।
छत्तीसगढ़ पुलिस को स्थायी डीजीपी मिलने का मामला अभी भी अटका हुआ है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की नोटिस के बाद राज्य सरकार को 15 दिनों के भीतर जवाब देना था, लेकिन समयसीमा बीतने के बाद भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
सूत्रों के मुताबिक, प्रभारी डीजीपी अरुणदेव गौतम और जेल डीजी हिमांशु गुप्ता में से किसी एक को स्थायी डीजीपी बनाया जा सकता है। वहीं, पवनदेव और जीपी सिंह के नाम भी चर्चा में हैं। इस देरी के चलते पुलिस महकमे में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
वन विभाग में मई, जून और जुलाई में लगातार वरिष्ठ अधिकारियों के रिटायरमेंट से व्यापक फेरबदल तय माना जा रहा है। हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स एवं पीसीसीएफ वी. श्रीनिवास राव 31 मई को सेवानिवृत्त होंगे। इसके बाद राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक तपेश झा जून में और राज्य लघुवनोपज संघ के एमडी साहू जुलाई में रिटायर होंगे। इन परिस्थितियों को देखते हुए पीसीसीएफ के तीन पदों के लिए संभावित अधिकारियों का पैनल तैयार किया जा रहा है।
पीसीसीएफ और हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स के पद के लिए फिलहाल दो नाम सबसे आगे माने जा रहे हैं- कौशलेंद्र कुमार (1992 बैच) और अरुण कुमार पाण्डेय (1994 बैच)। वर्तमान में अरुण कुमार पाण्डेय पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ) के पद पर पदस्थ हैं और विभागीय वरिष्ठता में दूसरे नंबर के अधिकारी माने जाते हैं, जिससे उनकी दावेदारी मजबूत नजर आ रही है और उनका नाम लगभग तय माना जा रहा है।
वहीं 1994 बैच के प्रेम कुमार और ओपी यादव भी पीसीसीएफ पद पर कार्यरत हैं, लेकिन प्रेम कुमार के जुलाई में सेवानिवृत्त होने के कारण उन्हें इस रेस से बाहर माना जा रहा है, जबकि ओपी यादव की संभावनाएं भी सीमित बताई जा रही हैं।
रायपुर संभाग के कमिश्नर महादेव कावरे के मई में सेवानिवृत्त होने के चलते इस पद पर भी नई नियुक्ति तय मानी जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर संभावित अधिकारियों की सूची तैयार की जा रही है, जिस पर अंतिम निर्णय जल्द लिया जा सकता है।
इन अहम पदों पर नियुक्ति को लेकर सरकार के सामने अनुभव, वरिष्ठता और प्रशासनिक दक्षता के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है। खासकर डीजीपी की नियुक्ति में यूपीएससी की प्रक्रिया और राज्य की प्राथमिकताओं के बीच सामंजस्य जरूरी होगा। आने वाले दिनों में इन पदों पर होने वाली नियुक्तियां न केवल प्रशासनिक दिशा तय करेंगी, बल्कि कानून-व्यवस्था, वन प्रबंधन और राजस्व प्रशासन पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा।
Updated on:
21 Apr 2026 08:26 am
Published on:
21 Apr 2026 08:26 am
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